Jharkhand Monsoon Session: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार से शुरू हो गया है, लेकिन पहले ही दिन सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ती नजर आई। विपक्षी दलों ने कई मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बीजेपी विधायकों ने विधानसभा में बैनर और पोस्टर लेकर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग की। सत्र की शुरुआत के साथ ही विपक्ष ने राज्य में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। खासतौर पर जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में धांधली के आरोपों को लेकर विपक्षी नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा।
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जेपीएससी-जेएसएससी मुद्दे पर विपक्ष का प्रदर्शन
मानसून सत्र के पहले दिन विपक्षी विधायकों ने जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार को घेरा। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी रही है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बीजेपी नेताओं ने इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जवाब मांगा और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। विपक्ष के प्रदर्शन के कारण सदन का माहौल काफी गर्म रहा।
सात दिनों तक चलेगा विधानसभा का मानसून सत्र
झारखंड विधानसभा का यह मानसून सत्र 6 अगस्त से 12 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान राज्य सरकार कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य पूरे करेगी। सत्र के दौरान वित्त वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट 7 अगस्त को सदन में पेश किया जाएगा। सरकार की ओर से कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, जबकि विपक्ष भी अपने सवालों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
सर्वदलीय बैठक में हुई थी सुचारू संचालन की अपील
मानसून सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने 5 अगस्त को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। इस बैठक में सभी दलों के नेताओं से सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण तरीके से चलाने में सहयोग की अपील की गई थी। बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव और राजद विधायक सुरेश पासवान समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
सुरक्षा के लिए विधानसभा क्षेत्र में लागू किए गए प्रतिबंध
मानसून सत्र को देखते हुए विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। प्रशासन ने विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत किसी भी तरह के हथियार या खतरनाक वस्तुएं जैसे बंदूक, राइफल, रिवॉल्वर, विस्फोटक सामग्री, लाठी, धनुष-बाण आदि लेकर चलने पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा इस क्षेत्र में धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली और सार्वजनिक सभाओं के आयोजन पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल की अनुमति भी नहीं होगी।
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सरकार और विपक्ष के बीच टकराव के संकेत
मानसून सत्र के पहले दिन हुए हंगामे से साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में सदन में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है। भर्ती परीक्षाओं और अन्य राजनीतिक मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति में है।










