JPSC Protest: रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। एक ओर परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के बीच बातचीत की संभावना भी मजबूत हुई है। गुरुवार को इस मुद्दे पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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सरकार ने छात्रों को बातचीत का दिया प्रस्ताव
छात्र आंदोलन का नेतृत्व कर रहे रविंद्र पासवान ने बताया कि प्रशासन की ओर से एसडीएम के माध्यम से संदेश मिला है कि सरकार छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत करना चाहती है। उन्होंने कहा कि बुधवार को भारी बारिश और तिरंगा यात्रा के कारण प्रतिनिधियों का समय पर पहुंचना संभव नहीं हो पाया। इसके अलावा छात्र संगठन को अपने प्रतिनिधिमंडल का गठन भी करना था, जिसमें विषय विशेषज्ञों को शामिल करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
रविंद्र पासवान के अनुसार, उन्होंने प्रशासन को सूचित कर दिया है कि गुरुवार सुबह 10 बजे तक प्रतिनिधिमंडल का गठन अंतिम रूप से कर दिया जाएगा। इसके बाद सरकार से बातचीत को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उनका कहना है कि विपक्ष के कई नेता पिछले 12 दिनों से धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों से लगातार मुलाकात कर रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री की ओर से अब तक सीधी बातचीत की पहल नहीं की गई।
मुख्यमंत्री से सीधे संवाद की मांग
छात्र नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री को स्वयं छात्रों से संवाद करना चाहिए था। उनका मानना है कि यदि मुख्यमंत्री सीधे आंदोलनकारी छात्रों का हालचाल पूछते और बातचीत की इच्छा जताते तो यह अधिक सकारात्मक संदेश होता। हालांकि, एसडीएम के माध्यम से आए प्रस्ताव पर भी छात्र विचार कर रहे हैं और गुरुवार को अपनी अंतिम स्थिति स्पष्ट करेंगे।
CID की बड़ी कार्रवाई, पांच और आरोपी गिरफ्तार
इस बीच JPSC परीक्षा अनियमितता मामले में CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते का कंप्यूटर ऑपरेटर, तीन छात्र और एक अन्य आरोपी शामिल हैं। इन नई गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में अब तक कुल 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
इससे पहले 4 अगस्त को CID ने उमेश कुमार, बुद्धेश्वर भगत और रमेश कुमार को भी गिरफ्तार किया था। सभी के खिलाफ CID थाना कांड संख्या 16/26, दिनांक 22 जुलाई 2026 के तहत कार्रवाई की गई है।
जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा
CID का कहना है कि जांच के दौरान मिले इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, दस्तावेजों और पूछताछ के आधार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। एजेंसी का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने और कथित अनियमितताओं से जुड़ी हुई है। सूत्रों के मुताबिक, हालिया गिरफ्तारियों के बाद जांच का दायरा और बढ़ सकता है तथा आने वाले दिनों में कई अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।
राज्यपाल से मिले मुख्यमंत्री, छात्रों को दिया भरोसा
इधर, मुख्यमंत्री ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात के बाद कहा कि राज्य सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि युवाओं के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो इस पूरे मामले पर केंद्रीय गृह मंत्री से भी चर्चा की जाएगी।
फिलहाल सभी की नजरें गुरुवार को प्रस्तावित वार्ता पर टिकी हैं। यदि सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच सकारात्मक बातचीत होती है, तो लंबे समय से जारी आंदोलन के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है। वहीं दूसरी ओर, CID की लगातार कार्रवाई से यह संकेत मिल रहा है कि परीक्षा अनियमितता मामले में जांच अभी और आगे बढ़ सकती है।
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