UP Politics: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मेरठ में भाजपा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन को संबोधित किया। मिशन-2027 की तैयारियों के बीच हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से हर बूथ की समीक्षा करने, प्रभावी टीम तैयार करने और पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारियां तय करने की अपील की। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद रहे।
जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर विभाजन को लेकर सीएम योगी की अपील

बताते चले कि, सीएम योगी ने कहा कि समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटने की कोशिशें फिर हो सकती हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से ऐसी परिस्थितियों को लेकर सतर्क रहने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के महापुरुष किसी एक जाति या वर्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका योगदान पूरे राष्ट्र से जुड़ा है।
महापुरुषों को जातियों में बांटने पर मुख्यमंत्री योगी का बयान
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कई महापुरुषों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके योगदान को किसी एक जाति तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कोतवाल धन सिंह गुर्जर, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह और दुर्गा भाभी का उदाहरण दिया। सीएम ने कहा कि सभी महापुरुष पूरे समाज के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।
सपा, बसपा और कांग्रेस पर परिवारवाद और जातिवाद के आरोप

अपने संबोधन में सीएम योगी ने सपा, बसपा और कांग्रेस पर परिवारवाद और जातिवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीतिक सोच में व्यक्ति से ऊपर दल और दल से ऊपर राष्ट्र को प्राथमिकता दी जाती है। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत हित से आगे बढ़कर देश और समाज के लिए काम करने का आह्वान किया।
‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ से ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ तक
सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले प्रदेश की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ जैसे शब्दों से जोड़ी जाती थी। उनके मुताबिक अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ जैसी योजनाओं के जरिए प्रदेश की नई पहचान बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
मेरठ और पश्चिमी यूपी के विकास कार्यों का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ नमो भारत, मेरठ में खेल विश्वविद्यालय और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट समेत कई परियोजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कारोबार को बढ़ावा देने की बात भी कही और मेरठ की रेवड़ी, हापुड़ के पापड़ तथा मुजफ्फरनगर के गुड़ का उदाहरण दिया।
रोजगार और सरकारी नौकरी को लेकर सीएम योगी के दावे

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पारंपरिक उद्यमों को बढ़ावा मिलने से 3.25 करोड़ युवाओं को रोजगार से जोड़ने में मदद मिली है। सीएम ने कानून व्यवस्था में सुधार को निवेश और रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा। सीएम योगी ने पश्चिमी यूपी की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए दिल्ली-मेरठ नमो भारत, एक्सप्रेसवे और मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय को प्रमुख परियोजनाओं के तौर पर गिनाया। उन्होंने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और सेमीकंडक्टर यूनिट जैसी परियोजनाओं का भी जिक्र किया।
हर बूथ पर परिवारों की मैपिंग का निर्देश
मुख्यमंत्री ने शक्ति केंद्र संयोजकों से कहा कि प्रत्येक बूथ की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने बूथ की टीम को प्रभावी बनाने, पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारी तय करने और प्रत्येक परिवार की मैपिंग व सर्वे का रिकॉर्ड रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं और स्पष्ट जिम्मेदारियों से होती है।
सीएम योगी ने अपने संबोधन में अयोध्या के राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विकास के साथ विरासत और धार्मिक स्थलों के संरक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। मथुरा-वृंदावन, शुकतीर्थ और विदुर कुटी से जुड़े कार्यों का भी उन्होंने जिक्र किया।
‘राष्ट्र प्रथम’ के साथ काम करने की कार्यकर्ताओं से अपील
अंत में मुख्यमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया। उन्होंने शक्ति केंद्र संयोजकों, बूथ संयोजकों, प्रभारियों और पन्ना प्रमुखों के शत-प्रतिशत गठन पर जोर दिया। सम्मेलन में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत पश्चिमी क्षेत्र के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।










