Jaspal Rana Death: कोच के निधन से सदमे में मनु भाकर, सोशल मीडिया पर जताया दुख

दिग्गज निशानेबाज और कोच जसपाल राणा के असमय निधन से उनकी शिष्या व ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर बेहद भावुक और टूट गई हैं।

Jaspal Rana Death

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 13, 2026

Jaspal Rana Death: भारतीय खेल जगत, विशेषकर निशानेबाजी के लिए शुक्रवार का दिन एक काला अध्याय लेकर आया। देश के दिग्गज निशानेबाज और भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के ‘हाई परफॉर्मेंस कोच’ जसपाल राणा का मात्र 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है, लेकिन उनकी सबसे प्रिय शिष्या और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है। मनु भाकर अपने कोच के अंतिम दर्शन के दौरान पूरी तरह टूटती और बिलखती नजर आईं।

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म्यूनिख से लौटने के बाद बिगड़ी थी तबीयत

जसपाल राणा हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ (ISSF) विश्व कप से लौटे थे। वहां से लौटने के कुछ समय बाद ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हृदय संबंधी समस्याओं के उपचार के दौरान उनका देहावसान हो गया। राणा भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के मार्गदर्शक के रूप में सक्रिय थे और एनआरएआई (NRAI) ने उन्हें विशेष रूप से 25 मीटर पिस्टल इवेंट के लिए हाई-परफॉर्मेंस कोच नियुक्त किया था। उनकी असामयिक मृत्यु ने भारतीय निशानेबाजी के भविष्य के लिए एक बड़ा शून्य छोड़ दिया है।

गुरु-शिष्या की अटूट डोर

जसपाल राणा और मनु भाकर का रिश्ता केवल कोच और खिलाड़ी का नहीं, बल्कि एक पिता-पुत्री जैसा था। राणा खुद एक असाधारण निशानेबाज थे, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ाया था। उनका एक अधूरा सपना था—ओलंपिक पदक जीतना। लेकिन जब पेरिस ओलंपिक 2024 में मनु भाकर ने पोडियम पर खड़े होकर कांस्य पदक अपने नाम किया, तो वह सपना मानो राणा का ही सपना था। स्टैंड में खड़े होकर जसपाल राणा का गर्व से तालियां बजाना यह दर्शाता था कि मनु की सफलता उनके लिए कितनी मायने रखती थी।

नम आंखों से दी आखिरी विदाई

शनिवार को मनु भाकर देहरादून स्थित जसपाल राणा के आवास पर पहुंचीं। वहां अपने कोच के पार्थिव शरीर को देखकर वह खुद को संभाल नहीं सकीं। मनु वहां मौजूद राणा के परिजनों से मिलते समय फूट-फूट कर रो पड़ीं। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर देने वाला था।

बाद में, मनु ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘X’ पर कोच राणा के साथ अपनी पुरानी तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों में पेरिस ओलंपिक की वह यादगार यादें भी शामिल थीं। मनु ने बेहद भावुक होकर लिखा, “अपूरणीय क्षति”, और साथ में एक ‘टूटे हुए दिल’ का इमोजी साझा किया।

उत्तराखंड और खेल जगत ने दी श्रद्धांजलि

जसपाल राणा के निधन पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी गहरा दुख व्यक्त किया और उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। भारतीय निशानेबाजी के इतिहास में जसपाल राणा का नाम हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा रहेगा। वे न केवल एक शानदार खिलाड़ी थे, बल्कि एक ऐसे कुशल गुरु थे जिन्होंने भारत को मनु भाकर जैसी चैंपियन दी। उनका जाना खेल जगत के लिए एक ऐसी कमी है जिसे शायद ही कभी भरा जा सके।

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