India UNSC Permanent Seat: चार यूरोपीय देशों ने किया भारत का समर्थन, स्थायी सदस्यता की मांग को मिला नया बल

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की मांग को चार यूरोपीय देशों का समर्थन मिला है। पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य ने न्यूयॉर्क में V4-भारत बैठक के दौरान भारत की दावेदारी का समर्थन किया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बैठक को नया ऐतिहासिक मौका बताया।

India UNSC Permanent Seat

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 22, 2026

India UNSC Permanent Seat:  न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में स्थायी सदस्यता की मांग को मध्य यूरोप के चार देशों का समर्थन मिला है। वाइसेग्राड ग्रुप यानी V4 में शामिल पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य ने भारत को सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य बनाए जाने के पक्ष में अपना रुख सामने रखा।

V4+India विदेश मंत्रियों की पहली बैठक

यह समर्थन न्यूयॉर्क में हुई पहली V4+India विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद सामने आया। बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य के विदेश मंत्री शामिल हुए। बैठक की मेजबानी मौजूदा V4 अध्यक्षता संभाल रहे स्लोवाकिया ने की। दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

‘भारत को UNSC की टेबल पर होना चाहिए’

बैठक के बाद स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि V4 देशों की सहमति है कि ग्लोबल साउथ के एक प्रमुख देश और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की उभरती शक्ति के रूप में भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों के बीच स्थान मिलना चाहिए। यह बयान भारत की लंबे समय से चली आ रही UNSC सुधार की मांग के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

व्यापार और निवेश पर हुई चर्चा

विदेश मंत्रालय के अनुसार बैठक में भारत और V4 देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने पर विचार किया गया। व्यापार और निवेश के अलावा तकनीक, इनोवेशन, मजबूत सप्लाई चेन और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने मौजूदा द्विपक्षीय संबंधों को V4+India प्रारूप के साथ जोड़कर सहयोग को व्यापक बनाने की संभावनाओं पर विचार किया।

रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी एजेंडे में

बैठक के दौरान रक्षा और सुरक्षा से जुड़े विषय भी चर्चा का हिस्सा रहे। इसके अलावा शिक्षा, लोगों के बीच संपर्क और विभिन्न संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। भारत और V4 देशों ने कारोबारियों, विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और अन्य संबंधित पक्षों के बीच संपर्क बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

वैश्विक मुद्दों पर साझा किए विचार

मंत्रियों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। बैठक में शांति और सुरक्षा, बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग तथा वैश्विक बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दे शामिल रहे। इसके साथ ही ग्लोबल साउथ के सामने मौजूद चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलती परिस्थितियों पर भी चर्चा की गई।

जयशंकर ने बताया आगे का रोडमैप

बैठक के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए V4+India सहयोग की प्राथमिकताओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत और चारों यूरोपीय देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, तकनीकी, रक्षा, सांस्कृतिक और लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने पर सहमति बनी है। दोनों पक्षों के विदेश मंत्रियों की बैठक हर साल आयोजित करने की भी योजना है।

वार्षिक बिजनेस फोरम शुरू करने की योजना

आर्थिक संबंधों को बढ़ाने के लिए वार्षिक बिजनेस फोरम शुरू करने पर भी सहमति बनी है। इसके जरिए भारत और V4 देशों के कारोबारी समुदायों के बीच संपर्क बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा तकनीक, इनोवेशन, रिसर्च और शिक्षा के क्षेत्र में संस्थागत साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

भारत-V4 संबंधों में नया संस्थागत मंच

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, V4+India प्रारूप भारत और वाइसेग्राड ग्रुप के बीच विदेश मंत्री स्तर पर सहयोग को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक नया मंच उपलब्ध कराता है। भारत और V4 देशों के बीच पहले से मौजूद द्विपक्षीय संबंधों के साथ यह प्रारूप बहुपक्षीय सहयोग के लिए अतिरिक्त अवसर प्रदान करता है। जयशंकर ने बैठक को नई शुरुआत बताते हुए स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार को आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।

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