Janmashtami 2026: देशभर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व अत्यंत उत्साह, उल्लास और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। मथुरा के भव्य जन्मोत्सव से लेकर रांची के विभिन्न प्रमुख स्थलों तक भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य उत्सव को लेकर विशेष तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर और इस्कॉन मंदिरों समेत देश के तमाम कृष्ण धामों को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। मथुरा के मुख्य श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में भगवान के 5253वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में गर्भगृह को लगभग 200 किलोग्राम चांदी से सजाया गया है, जहां पांच दिवसीय विशेष अनुष्ठानों का शुभारंभ हो चुका है।
Mathura Janmashtami: आधी रात जन्म लेंगे कान्हा, 50 लाख भक्तों की अगवानी को तैयार ब्रज
देशभर में सजे मंदिर और उमड़ा श्रद्धालुओं का उत्साह
जन्माष्टमी के इस पावन अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों में विशेष आकर्षण देखने को मिल रहे हैं। राजस्थान के जयपुर स्थित गुप्त वृंदावन धाम में 32 किस्म के फूलों से भव्य फूल बंगला सजाया जा रहा है और 108 प्रकार के विशेष भोग की तैयारी की गई है। हरियाणा के करनाल में लड्डू गोपाल के विशेष श्रृंगार के लिए कान्हा पार्लर में भक्तों की भारी भीड़ जुटी हुई है। इसके अलावा मथुरा, झांसी और आगर-मालवा सहित तमाम शहरों के बाजारों में लड्डू गोपाल के झूले, मुकुट, मोरपंख और पोशाकों की जमकर खरीदारी हो रही है। दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ सरकार ने इस अवसर पर चार सितंबर को शुष्क दिवस (Dry Day) घोषित किया है, जिसके तहत शराब की दुकानें, बार और मांस की दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इस्कॉन रांची: 108 द्रव्यों से महाअभिषेक और 2008 भोग
रांची में भी जन्माष्टमी का महापर्व बेहद भव्य रूप में आयोजित किया जा रहा है। स्वास्तिक ईएनटी हॉस्पिटल के पास कटहल मोड़ स्थित इस्कॉन मंदिर में शुक्रवार की शाम चार बजे से श्री कृष्ण जन्माष्टमी महामहोत्सव का आयोजन शुरू हो चुका है।
कार्यक्रम की रूपरेखा: शाम 4 से 6 बजे तक भजन संध्या, 6 से 9 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम, 9 से 10 बजे तक विशेष कृष्ण कथा, 10 से 11 बजे तक महाअभिषेक और 11 से 12 बजे तक भोग अर्पण का कार्यक्रम रखा गया है।
मुख्य आकर्षण: रात्रि 12 से 12:30 बजे तक दर्शन और महाआरती होगी, जिसके बाद महाप्रसादम वितरित किया जाएगा। भगवान श्री कृष्ण का 108 विभिन्न द्रव्यों से अभिषेक किया जाएगा और उन्हें 2008 स्वादिष्ट व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाएगा। इस आयोजन में राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित कई विशिष्ट अतिथि शामिल हो रहे हैं।
राधाकृष्ण मंदिर और श्री श्याम मंदिर में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
पुंदाग स्थित श्री राधाकृष्ण प्रणामी मंदिर में भी जन्माष्टमी पर विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। वृंदावन से मंगवाए गए आभूषण जडित आकर्षक वस्त्रों से भगवान का श्रृंगार किया गया है, और कोलकाता से आए कलाकार श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, रासलीला और कंस वध पर आधारित मनोहारी नृत्य-नाटिका प्रस्तुत कर रहे हैं। वहीं, अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मंदिर को बैलून्स और रंग-बिरंगी लड़ियों से सजाया गया है, जहां रजत झूले पर विराजमान लड्डू गोपाल के समक्ष रात नौ बजे से संगीतमय संकीर्तन और मध्यरात्रि में भव्य महाआरती का आयोजन किया गया है।
जयंती योग और हरमू मैदान में दही-हांडी प्रतियोगिता
इस वर्ष जन्माष्टमी पर भाद्रपद कृष्णपक्ष की उदयकालिक अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और हर्षण योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसे ‘जयंती योग’ कहा जाता है। इसके तहत श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में विशेष अनुष्ठान और भजनों की सरिता बह रही है। इसके साथ ही हरमू मैदान में 14वें वार्षिक जन्माष्टमी महोत्सव के तहत शाम चार बजे से नौ बजे तक रोमांचक दही-हांडी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है, जिसमें विजेता टीम को 51,000 रुपये का नकद पुरस्कार और अन्य टीमों को सांत्वना पुरस्कार दिए जा रहे हैं। मध्यरात्रि ठीक 12 बजे हरमू साकेत विहार स्थित राधा-कृष्ण गोवर्धन मंदिर में महाआरती के साथ जन्मोत्सव संपन्न होगा।
PM Modi ISRO: ISRO की शानदार कामयाबी! EOS-05 लॉन्च, PM मोदी ने वैज्ञानिकों










