Janmashtami 2026: कान्हा के स्वागत में सजा देहरादून, वृंदावन के 31 कलाकार देंगे प्रस्तुति; जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

जन्माष्टमी के अवसर पर देहरादून पूरी तरह कृष्ण भक्ति में डूबने को तैयार है। शहर के मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सज चुके हैं। श्री पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में वृंदावन के 31 कलाकार कृष्ण लीलाओं की प्रस्तुति देंगे। वहीं निशीथ पूजा का विशेष मुहूर्त रात 11:57 बजे से शुरू होगा।

कान्हा के स्वागत में सजा देहरादून

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

सितम्बर 4, 2026

Janmashtami 2026: देहरादून में जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शहर के प्रमुख मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और आकर्षक सजावट से जगमगा रहे हैं। शुक्रवार को जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों में दिनभर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। कहीं भव्य झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी तो कहीं वृंदावन से पहुंचे कलाकार भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को मंच पर जीवंत करते नजर आएंगे।

मंदिर परिसरों में कृष्ण भक्ति का माहौल देखने को मिल रहा है। सुबह से ही कीर्तन मंडलियां पहुंचकर भजन-कीर्तन कर रही हैं। कई मंदिरों में मटकी फोड़ कार्यक्रम, बच्चों के लिए प्रतियोगिताएं और कान्हा के रूप में तैयार होकर आने वाले बच्चों को सम्मानित करने की भी तैयारी है।

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वृंदावन के कलाकार दिखाएंगे कृष्ण की लीलाएं

सहारनपुर चौक स्थित श्री पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में इस बार जन्माष्टमी पर विशेष आयोजन किया जा रहा है। मथुरा-वृंदावन से 31 कलाकारों की टीम यहां पहुंचकर भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देगी। जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल का अभिषेक और आरती होगी, जबकि कान्हा के स्वरूप में आने वाले बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।

शनिवार को नंदोत्सव के दौरान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं के साथ मटकी फोड़, महारास, मोर नृत्य, दीप नृत्य और फूलों की होली जैसे कार्यक्रम होंगे। मंदिर में महाकाल की भस्म आरती और चांद पर विराजमान भगवान विष्णु की विशेष झांकी भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगी। नौ सितंबर को यहां छठी पर्व का आयोजन किया जाएगा।

रात 11:57 बजे से निशीथ पूजा

आचार्य डॉ. सुशांत राज के अनुसार अष्टमी तिथि शुक्रवार सुबह 2 बजकर 25 मिनट से शुरू होगी। वहीं रोहिणी नक्षत्र दोपहर 12 बजकर 29 मिनट से रात 11 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। जन्माष्टमी पर निशीथ पूजा का शुभ समय रात 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 43 मिनट तक निर्धारित है। इस विशेष अवधि में बाल गोपाल का पंचामृत से अभिषेक, शृंगार, माखन-मिश्री का भोग और आरती करने का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाएंगे।

इन मंदिरों में भी होंगे विशेष कार्यक्रम

इस्कॉन देहरादून के मोथरोवाला स्थित मंदिर में फूल बंगला दर्शन, 1008 प्रकार के भोग, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और श्रीकृष्ण जन्म महाआरती मुख्य आकर्षण रहेंगी। वहीं ओएनजीसी सामुदायिक केंद्र में रात आठ बजे से हरिनाम संकीर्तन, कृष्ण लीला नृत्य और लड्डू गोपाल का महाभिषेक होगा। श्री पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में शाम 7:30 बजे से झांकियां और बच्चों की नृत्य प्रस्तुतियां होंगी। कुमार मंडी स्थित शिव-पार्वती मंदिर में मंगल आरती, लड्डू गोपाल का शृंगार और झांकियां सजाई जाएंगी।

पटेलनगर के श्री श्याम सुंदर मंदिर में रात आठ बजे से भजन-कीर्तन और झांकियों का आयोजन होगा। किशननगर चौक स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में झांकियों, झूलों और रंगीन रोशनी के बीच श्रद्धालुओं को विशेष दर्शन होंगे। डीएल रोड स्थित श्री चैतन्य गौड़ीय मठ में बाल लीलाओं के साथ अभिषेक और दर्शन होंगे। वहीं कान्वेंट रोड के श्री सिद्धेश्वर मंदिर में राधा-कृष्ण के रूप में तैयार होकर आने वाले बच्चों को श्री सनातन धर्म सभा की ओर से सम्मानित किया जाएगा। इस तरह जन्माष्टमी के अवसर पर पूरा देहरादून भक्ति, संगीत, संस्कृति और कृष्ण लीलाओं के रंग में रंगने के लिए तैयार है।

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