Uttarakhand News: उत्तराखंड में शिक्षक तबादलों पर विवाद, इंटर कॉलेज में प्राथमिक शिक्षक की पोस्टिंग

उत्तराखंड में शिक्षकों के तबादलों के बीच पिथौरागढ़ के राजकीय इंटर कॉलेज बांसबगड़ का मामला चर्चा में है। चार शिक्षकों के स्थानांतरण के बाद स्कूल में कमी हुई तो प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत तैनात किया गया। अब स्थानीय लोगों से लेकर विद्यालय प्रबंधन समिति तक सवाल उठा रही है।

उत्तराखंड में शिक्षक तबादलों पर विवाद

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

सितम्बर 3, 2026

Uttarakhand News: उत्तराखंड के शिक्षा विभाग में हाल ही में हुए शिक्षकों के तबादलों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पिथौरागढ़ जिले के एक राजकीय इंटर कॉलेज में प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक की तैनाती किए जाने का मामला सामने आने के बाद विभागीय प्रक्रिया चर्चा में आ गई है। मामला राजकीय इंटर कॉलेज बांसबगड़ का है, जहां शिक्षकों की कमी को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक को शिक्षण कार्य के लिए भेजा गया है।

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चार शिक्षकों के तबादले के बाद पैदा हुआ संकट

राजकीय इंटर कॉलेज बांसबगड़ में एक साथ चार शिक्षकों के तबादले किए जाने के बाद विद्यालय में शिक्षकों की कमी हो गई। बताया गया है कि अलग-अलग विषयों के शिक्षकों के स्थानांतरण के बाद स्कूल की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका पैदा हुई है।

मुख्य शिक्षा अधिकारी तरुण पंत के अनुसार, विद्यालय से चार शिक्षकों का तबादला हुआ है। खासतौर पर गणित विषय में एलटी स्तर पर शिक्षक उपलब्ध नहीं होने के कारण तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी। इसी के तहत प्राथमिक विद्यालय से एक शिक्षक को इंटर कॉलेज में शिक्षण कार्य के लिए तैनात किया गया।

प्राथमिक स्कूल के शिक्षक को इंटर कॉलेज भेजा

छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसे देखते हुए राजकीय प्राथमिक विद्यालय रुमीडोला, मुनस्यारी में तैनात सहायक अध्यापक कमलेश जोशी को जीआईसी बांसबगड़ में शिक्षण कार्य की जिम्मेदारी दी गई है। शिक्षा विभाग की ओर से इसे फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक को इंटर कॉलेज में तैनात किए जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अलग-अलग स्तर के विद्यालयों की जरूरत और शिक्षकों की योग्यता के अनुरूप स्थायी व्यवस्था की जानी चाहिए।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समिति में नाराजगी

बांसबगड़ इंटर कॉलेज से एक साथ कई शिक्षकों के तबादले किए जाने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विद्यालय प्रबंधन समिति में नाराजगी बताई जा रही है। खंड शिक्षा अधिकारी मुनस्यारी की ओर से जारी आदेश के बाद इस मुद्दे को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर तेज हुए हैं।

विद्यालय प्रबंधन समिति का कहना है कि यदि स्कूल में जल्द पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई तो छात्रों के हित में आंदोलन शुरू किया जा सकता है। समिति के मुताबिक, शिक्षकों की कमी का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और शैक्षणिक व्यवस्था पर पड़ सकता है।

एक अन्य तबादला भी सवालों में आया

शिक्षा विभाग में तबादलों से जुड़ा एक और मामला भी सामने आया है। जीआईसी चहज, पिथौरागढ़ में तैनात सहायक अध्यापिका हेमलता खाती का अनुरोध के आधार पर राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गंगोलीहाट में तबादला किया गया था। हालांकि, अपर निदेशक कुमाऊं मंडल गजेंद्र सिंह सौन की ओर से जारी आदेश में सामने आया कि शिक्षिका को सहायक अध्यापक एलटी के पद पर दो साल की सेवा भी पूरी नहीं हुई थी। इतना ही नहीं, उनका परिवीक्षाकाल भी पूरा नहीं हुआ था।

आदेश जारी कर तबादला किया गया निरस्त

इन परिस्थितियों को देखते हुए शिक्षिका का तबादला रद्द कर दिया गया है। इस मामले ने भी विभाग की तबादला प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

गौरतलब है कि उत्तराखंड शिक्षा विभाग में हाल के दिनों में 1500 से अधिक शिक्षकों के तबादले किए गए हैं। इनमें कुछ मामलों में नियमों और प्रक्रिया को लेकर सवाल सामने आए हैं। बांसबगड़ इंटर कॉलेज का मामला भी इसी कड़ी में जुड़ गया है। अब देखना होगा कि शिक्षकों की कमी को दूर करने और तबादलों से पैदा हुई स्थिति को संभालने के लिए विभाग आगे क्या कदम उठाता है।

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