Jammu News: सरसों तेल पर महंगाई की मार, जम्मू में 30 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ी कीमत

पीएम मोदी की खाद्य तेल कम इस्तेमाल करने की अपील के बाद जम्मू में पैनिक बाइंग बढ़ गई। किल्लत और महंगाई के डर से लोगों ने ज्यादा तेल खरीदना शुरू किया, जिससे सरसों तेल के दाम 30 रुपये तक बढ़ गए।

Jammu News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 20, 2026

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Jammu News: वैश्विक स्तर पर गहराते ऊर्जा संकट और बेतहाशा बढ़ती महंगाई के बीच, देश के भीतर एक अनोखा और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से की गई एक भावुक अपील का जम्मू के बाजारों में बिल्कुल उलट (विपरीत) असर देखने को मिला है। पीएम मोदी ने देश की आर्थिक स्थिति और वैश्विक किल्लत को देखते हुए नागरिकों से खाने के तेल (Edible Oil) का कम इस्तेमाल करने का आग्रह किया था। लेकिन जम्मू में इस अपील के बाद संयम बरतने के बजाय बाजार में अफरातफरी का माहौल बन गया है। लोग भविष्य में होने वाली संभावित किल्लत और महंगाई के डर से जरूरत से ज्यादा तेल खरीदने (Panic Buying) के लिए दुकानों पर उमड़ पड़े हैं।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की क्या थी अपील?

दुनिया भर में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) प्रभावित होने के कारण खाने के तेलों के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ रहे हैं। इसी वैश्विक संकट को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश की जनता से एक विशेष अनुरोध किया था।

प्रधानमंत्री ने देशवासियों से कहा था कि वे अपनी रसोई में खाने के तेल का उपभोग (इस्तेमाल) कम से कम करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि संकट के इस दौर में यदि देश का हर नागरिक तेल की खपत में थोड़ी भी कटौती करता है, तो यह देशहित और सच्ची देशभक्ति की दिशा में उठाया गया एक बहुत बड़ा और सराहनीय कदम होगा।

व्यापारियों का शुरुआती डर

जब प्रधानमंत्री का यह बयान सामने आया, तो शुरुआत में जम्मू के स्थानीय तेल व्यापारी और थोक विक्रेता काफी घबरा गए थे। व्यापारिक हलकों में यह डर सताने लगा था कि यदि देश की जनता ने प्रधानमंत्री के आह्वान पर अमल करते हुए सचमुच तेल का इस्तेमाल आधा या कम कर दिया, तो इसका सीधा और नकारात्मक असर उनके कारोबार पर पड़ेगा। व्यापारियों को अंदेशा था कि तेल की मांग घटने से बाजार में भारी मंदी आ जाएगी और उनका मुनाफा डूब जाएगा। लेकिन, जब बाजार खुला तो जमीनी हकीकत इस आशंका के बिल्कुल उलट साबित हुई।

खौफ में बदली अपील

प्रधानमंत्री की अपील का जनता ने यह अर्थ निकाल लिया कि आने वाले दिनों में देश में खाने के तेल का भारी अकाल या किल्लत होने वाली है। इसी अफवाह और डर के चलते जम्मू के बाजारों में अचानक ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

थोक व्यापारियों का बयान

जम्मू के एक बड़े और प्रतिष्ठित तेल व्यापारी सूरज सिंह ने बाजार की मौजूदा स्थिति पर बात करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री की अपील के बाद उपभोक्ताओं का मनोविज्ञान पूरी तरह बदल गया है। लोगों के मन में यह खौफ बैठ गया है कि आने वाले समय में खाने के तेल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी या तेल मिलना ही बंद हो जाएगा। इसी ‘पैनिक बाइंग’ (डर के मारे की जाने वाली खरीदारी) के कारण लोग एक-दो लीटर के बजाय पूरे-पूरे पीपे और कई महीनों का राशन एक साथ खरीदकर घरों में डंप करने लगे हैं।

कीमतों में ₹30 का बड़ा उछाल

अचानक और अप्रत्याशित रूप से बढ़ी इस भारी डिमांड के कारण जम्मू के रिटेल और होलसेल बाजारों में सरसों के तेल (Mustard Oil) की कीमतों में ₹30 प्रति लीटर तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हैरान करने वाली बात यह है कि दाम इतने ज्यादा बढ़ने के बावजूद लोग खरीदारी से पीछे नहीं हट रहे हैं और धड़ाधड़ स्टॉक समेट रहे हैं।

व्यापारी सूरज सिंह के मुताबिक, बाजार में तेल की मांग इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि स्थानीय स्टॉक पूरी तरह खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है। इस आपातकालीन स्थिति से निपटने और ग्राहकों की मांग को पूरा करने के लिए जम्मू के व्यापारियों को अब बाहरी राज्यों से खाने के तेल का अतिरिक्त स्टॉक (Extra Stock) आपातकालीन तौर पर मंगवाना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि यदि लोगों ने पैनिक बाइंग बंद नहीं की, तो आने वाले दिनों में कीमतें और ज्यादा बढ़ सकती हैं।

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