Jamal Siddiqui: देश की राजनीति से एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी को व्हाट्सएप (WhatsApp) संदेशों के जरिए जान से मारने की धमकियां दी गई हैं। केवल इतना ही नहीं, धमकी देने वाले अज्ञात आरोपियों ने उनसे भारी-भरकम फिरौती की भी मांग की है। इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा नेता ने नागपुर पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
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तीन दिनों तक लगातार आए धमकी भरे मैसेज
पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, जमाल सिद्दीकी को ये धमकी भरे संदेश 25 मई से 27 मई 2026 के बीच भेजे गए थे। यह सभी संदेश एक अज्ञात मोबाइल नंबर (8899162823) से उनके व्हाट्सएप पर आए थे। लगातार तीन दिनों तक मिली इन धमकियों के बाद सिद्दीकी ने बिना देरी किए कानून की मदद लेने का फैसला किया और नागपुर पुलिस को मामले की जानकारी दी।
बम विस्फोट और टारगेट किलिंग्स का जिक्र
दर्ज की गई एफआईआर (FIR) के मुताबिक, इस जबरन वसूली और धमकी के पीछे किसी बड़े नेटवर्क का हाथ होने की आशंका है। मैसेज में जो बातें कही गई हैं, वे बेहद खौफनाक हैं, अज्ञात आरोपियों ने यूपीआई (UPI) और सीधे बैंक ट्रांसफर के माध्यम से ₹50 लाख से लेकर ₹1 करोड़ तक की रंगदारी मांगी है। मैसेज भेजने वाले ने साफ चेतावनी दी है कि यदि इस रकम का भुगतान नहीं किया गया, तो जमाल सिद्दीकी और उनके परिवार के सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया जाएगा।
टारगेट किलिंग और ब्लास्ट की साजिश
इन संदेशों में केवल सिद्दीकी ही नहीं, बल्कि देश में बड़े पैमाने पर बम विस्फोट करने और कई वरिष्ठ राजनेताओं की ‘टारगेट किलिंग’ (चुनिंदा हत्याएं) करने का भी सनसनीखेज जिक्र था। मैसेज में दावा किया गया था कि ये हमले इसलिए किए जाएंगे क्योंकि उन नेताओं ने संदेश भेजने वाले का कथित तौर पर अपमान किया था।
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई दिग्गजों के नाम
इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि धमकी देने वाले आरोपी ने केवल भाजपा नेताओं को ही निशाना नहीं बनाया, बल्कि विपक्ष के भी कई बड़े चेहरों का नाम अपने संदेशों में शामिल किया है। आरोपी ने मैसेज में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, सचिन पायलट और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई वीआईपी (VIP) नेताओं के नामों का उल्लेख किया है।
जमाल सिद्दीकी ने पुलिस की जांच को आगे बढ़ाने के लिए उन सभी व्हाट्सएप संदेशों के स्क्रीनशॉट, चैट लॉग और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत अधिकारियों को सौंप दिए हैं।
नागपुर पुलिस ने दर्ज किया मामला
इस हाई-प्रोफाइल मामले को देखते हुए नागपुर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(5), 351(2) और 351(3) के तहत आपराधिक धमकी और जबरन वसूली का मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66(D) को भी एफआईआर में जोड़ा गया है।
मामले की तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है। पुलिस उस मोबाइल नंबर के वास्तविक स्रोत का पता लगाने के लिए कॉल रिकॉर्ड एनालिसिस (CDR), आईपी एड्रेस ट्रैकिंग (IP Tracking) और साइबर फोरेंसिक जांच का सहारा ले रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष टीमों का गठन किया गया है और आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।










