Jaish-e-Mohammed: आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के खेमे से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। संगठन के सरगना मसूद अजहर के बड़े भाई, मोहम्मद ताहिर अनवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। भारतीय खुफिया एजेंसियों के सूत्रों ने भी इस घटना की पुष्टि की है। हालांकि, मौत के पीछे के सटीक कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है, जिससे सुरक्षा गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। ताहिर अनवर की मौत ऐसे समय में हुई है जब जैश-ए-मोहम्मद पहले से ही अंतरराष्ट्रीय दबाव और आंतरिक क्षति झेल रहा है।
संगठन में अहम भूमिका: बहावलपुर मुख्यालय में दी जाएगी अंतिम विदाई
मोहम्मद ताहिर अनवर केवल मसूद अजहर का भाई ही नहीं था, बल्कि वह जैश-ए-मोहम्मद की गतिविधियों में एक केंद्रीय भूमिका निभाता था। वह लंबे समय से संगठन के परिचालन और वैचारिक कार्यों से सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उसे पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित जैश के मुख्यालय में दफनाया जाएगा। जिस स्थान पर उसकी मृत्यु हुई, वह क्षेत्र लंबे समय से आतंकी गतिविधियों और संगठन की बैठकों का गढ़ रहा है, जिससे इस मौत की संवेदनशीलता और बढ़ गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल संदेश: “अल्लाह की मर्जी से हुआ इंतकाल”
ताहिर अनवर की मौत की खबर पाकिस्तान के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी तेजी से फैल रही है। जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े नेटवर्क द्वारा जारी एक आधिकारिक संदेश में कहा गया है, “मौलाना मसूद अजहर के बड़े भाई हकीम मोहम्मद ताहिर अनवर का अल्लाह की मर्जी से इंतकाल हो गया है।” संदेश में आगे बताया गया कि उनकी नमाज-ए-जनाजा बहावलपुर में जामिया उस्मान व अली के पास रात 10:30 बजे अदा की जाएगी। संगठन के सदस्यों ने उसे एक “नरम दिल” इंसान बताते हुए उसके लिए दुआएं मांगी हैं, जो आतंकियों की अपनी ब्रांडिंग का एक हिस्सा माना जाता है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ का साया: भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई और जैश को नुकसान
ताहिर अनवर की मौत को भारत की हालिया सैन्य कार्रवाई से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, भारतीय सेना ने 5-6 मई की रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था। इस साहसिक ऑपरेशन के दौरान भारतीय जांबाजों ने पाकिस्तान और पीओके (PoK) में स्थित नौ प्रमुख आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। रिपोर्टों के अनुसार, इस सर्जिकल स्ट्राइक में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद के कई कमांडर और लड़ाके शामिल थे।
मसूद अजहर के परिवार की कमर टूटी: 10 सदस्यों की पहले ही हो चुकी है मौत
जैश द्वारा पूर्व में जारी किए गए बयानों से यह स्पष्ट है कि भारतीय सेना की कार्रवाई ने मसूद अजहर के परिवार को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है। जैश ने स्वीकार किया था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अजहर की बहन, बहनोई, भांजे की पत्नी, भांजी और पांच बच्चों समेत कुल 10 पारिवारिक सदस्य मारे गए थे। अब बड़े भाई ताहिर अनवर की मौत ने अजहर के कुनबे और उसके आतंकी साम्राज्य को और कमजोर कर दिया है। इन घटनाओं के बाद भारतीय एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और सीमा पार की हर हलचल पर पैनी नजर रख रही हैं।









