Middle East Crisis: मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालातों पर Congress सांसद ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर उठाए सवाल

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच पीएम मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू को नाराज नहीं करना चाहती, इसलिए ब्रिक्स प्लस (BRICS+) जैसे मंचों का प्रभावी इस्तेमाल नहीं कर रही है। रमेश ने केवल फोन कॉल्स के बजाय ठोस कूटनीतिक पहल की मांग की है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 23, 2026

Middle East Crisis: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच नरेंद्र मोदी सरकार के कूटनीतिक कदमों और विदेश नीति की आलोचना की है।कांग्रेस नेता ने मोदी सरकार से सवाल किया कि,वह ब्रिक्स प्लस जैसे वैश्विक मंचों का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहे हैं।जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में लिखा,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को “नाराज” नहीं करना चाहते हैं सरकार इस साल भारत की मेजबानी में होने वाले शिखर सम्मेलन को संघर्ष को कम करने के लिए एक कूटनीतिक पहल के तौर पर आगे नहीं बढ़ा रही है।

कांग्रेस नेता ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर उठाए सवाल

“18वां वार्षिक BRICS+ शिखर सम्मेलन इस साल के आखिर में भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में होगा।ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, अर्जेंटीना, मिस्र, इथियोपिया, सऊदी अरब, ईरान और UAE इसके सदस्य हैं।यह स्वघोषित ‘विश्वगुरु’ पश्चिम एशिया में संकट और उसके प्रभावों से निपटने के लिए एक कूटनीतिक पहल करने हेतु इस शिखर सम्मेलन को आगे क्यों नहीं बढ़ा रहा है? साफ है कि वह राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नेतन्याहू को नाराज नहीं करना चाहते।

मिडिल ईस्ट संघर्ष पर जयराम रमेश का PM मोदी पर तंज

जयराम रमेश ने मिडिल ईस्ट युद्ध के संबंध में विदेशी नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टेलीफोन पर हुई बातचीत को लेकर तंज कसा और कहा कि,पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा करने के लिए विदेशी नेताओं को फोन कर रहे हैं। संचार के इस तरीके की अपनी सीमाएं हैं….कोई गले मिलना नहीं और हमारे ‘एल सुप्रीमो’ के लिए उंगली हिलाते हुए ज्ञान देने वाले कोई फ़ोटो-ऑप्स नहीं लेकिन शिखर सम्मेलन ज़्यादा सार्थक हो सकते हैं और आमने-सामने की मूल्यवान बातचीत के अलावा ठोस कदम भी निकल सकते हैं।

G20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा अमेरिका

कांग्रेस सांसद ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी निशाना साधा और कहा कि,इस साल अमेरिका के नेतृत्व में होने वाला G20 शिखर सम्मेलन कोई प्रभावी नतीजे नहीं देगा।G20 की अध्यक्षता अमेरिका कर रहा है और इससे अमेरिका के राष्ट्रपति की और ज़्यादा बकवास और तानाशाही बातों के अलावा कोई भी महत्वपूर्ण नतीजा नहीं निकलेगा।

पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से फोन पर की वार्ता

आपको बता दें कि,शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से टेलीफोन पर वार्ता की इस दौरान दोनों राष्ट्र प्रमुखों के बीच पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को सुलझाने में ब्रिक्स की ज्यादा सक्रिय और स्वतंत्र भूमिका निभाने का आह्वान किया।ईरानी राष्ट्रपति ने इस पर जोर दिया कि,ब्रिक्स को चल रही शत्रुता को रोकने और क्षेत्रीय व वैश्विक स्थिरता सुनिश्चित करने में योगदान देना चाहिए उन्होंने इस वर्ष नई दिल्ली की अध्यक्षता का जिक्र करते हुए ब्रिक्स सदस्य देशों से तनाव कम करने में रचनात्मक भूमिका निभाने का आग्रह किया।