जयपुर-पचपदरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को मंजूरी

जयपुर. राजस्थान के औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में बड़ा बदलाव जयपुर से पचपदरा तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से होने जा रहा है। लगभग 350 से 400 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे से पचपदरा रिफाइनरी को प्रदेश की राजधानी से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे पश्चिमी राजस्थान में यात्रा सुगम होगी और लॉजिस्टिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत आधार मिलेगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 11,492 करोड़ रुपए है। यह एक्सप्रेस-वे जयपुर से शुरू होकर किशनगढ़ (अजमेर), पाली और जोधपुर होते हुए बालोतरा जिले के पचपदरा तक पहुंचेगा। परियोजना को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। फिलहाल, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है

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Published On :

फ़रवरी 7, 2026

जयपुर.

राजस्थान के औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में बड़ा बदलाव जयपुर से पचपदरा तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से होने जा रहा है। लगभग 350 से 400 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे से पचपदरा रिफाइनरी को प्रदेश की राजधानी से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे पश्चिमी राजस्थान में यात्रा सुगम होगी और लॉजिस्टिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत आधार मिलेगा।

इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 11,492 करोड़ रुपए है। यह एक्सप्रेस-वे जयपुर से शुरू होकर किशनगढ़ (अजमेर), पाली और जोधपुर होते हुए बालोतरा जिले के पचपदरा तक पहुंचेगा। परियोजना को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। फिलहाल, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है तथा डीपीआर तैयार की जा रही है। संभावना है कि यह मार्ग जोधपुर-पाली क्षेत्र से होकर निकलेगा, जिससे रोहट में प्रस्तावित दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) के पश्चिमी राजस्थान हिस्से को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल हब को सीधा लाभ
इस एक्सप्रेस-वे का सबसे बड़ा लाभ पचपदरा रिफाइनरी और प्रस्तावित पेट्रोकेमिकल हब को मिलेगा। रिफाइनरी को कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों के परिवहन के लिए सीधा व सुरक्षित कॉरिडोर मिलेगा, जिससे लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी। यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस-वे से भी जुड़ेगा, जिससे राजस्थान की औद्योगिक कनेक्टिविटी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी।

एक्सपोर्ट की राह होगी आसान
इस मार्ग के बनने से जयपुर-जोधपुर-बालोतरा की यात्रा समय में लगभग दो से तीन घंटे की कमी आने की संभावना है। हालांकि, सबसे बड़ा लाभ निर्यात क्षेत्र को होगा। एक्सप्रेस-वे को जामनगर-अमृतसर भारतमाला कॉरिडोर से जोड़े जाने के बाद सड़क और कंटेनर रेल मार्ग से भी तेज और आसान तरीके से कांडला पोर्ट तक पहुंच सकेंगे। डीएमआईसी जोधपुर-पाली रोड से जुड़ाव के कारण आगामी औद्योगिक विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। जोधपुर में प्रस्तावित नई रिंग रोड के समीप से एक्सप्रेस-वे गुजरने से ट्रांसपोर्टेशन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
बेहतर लॉजिस्टिक मॉडल, कनेक्टिविटी बढ़ेगी

उत्पादों की ट्रांसपोर्टेशन सुगम होगी
इस परियोजना से एक्सपोर्ट योग्य उत्पादों की ट्रांसपोर्टेशन सुगम होगी और गुजरात तक की रफ्तार बढ़ेगी। नए औद्योगिक क्षेत्र और रिंग रोड के साथ यह एक्सप्रेस-वे रोजगार के नए द्वार भी खोलेगा।
-कुशल प्रजापत, सिविल इंजीनियर

फैक्ट फाइल…

  1. 350 से 400 किलोमीटर लगभग कुल लंबाई
  2. 11,492 करोड़ रुपए लगभग अनुमानित लागत
  3. 05 जिले जुड़ेंगे
  4. 2 से 3 घंटे की यात्रा समय में कमी

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