J&K Weather: जम्मू-कश्मीर में बाढ़ और भूस्खलन से हाहाकार, नेशनल हाईवे बंद होने से बीच रास्ते में फंसे लोग

जम्मू-कश्मीर के डोडा और किश्तवाड़ जिलों में बादल फटने और भूस्खलन से भारी तबाही हुई है।

J&K Weather

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 7, 2026

J&K Weather: जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में मौसम के रौद्र रूप ने भारी तबाही मचाई है। जम्मू संभाग के डोडा और किश्तवाड़ जिलों में रविवार रात अचानक बादल फटने (Cloudburst) से कीचड़, मलबे और पत्थरों का भयानक सैलाब आ गया। इस प्राकृतिक आपदा के कारण कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और बुनियादी ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचा है। मंगलवार को भी इस आपदा का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग 244 (NH-244) पर भारी मात्रा में चट्टानें और मलबा जमा होने के कारण यातायात पूरी तरह ठप है, जिससे बीच रास्ते में सैकड़ों यात्री और वाहन फंसे हुए हैं। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

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हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को भारी नुकसान, मलबे में दबे वाहन

किश्तवाड़ जिले में निर्माणाधीन 540 मेगावाट की क्वार जल विद्युत परियोजना (Kwar Hydroelectric Power Project) के टनल क्षेत्र के पास बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। अचानक आए मलबे और पत्थरों के सैलाब की चपेट में आने से परियोजना स्थल पर खड़ी कई गाड़ियां, ट्रक, डोजर और अन्य भारी निर्माण उपकरण मलबे के नीचे पूरी तरह दब गए हैं। इसके साथ ही वहां रखी निर्माण सामग्री को भी भारी क्षति पहुंची है। राहत की बात यह रही कि घटना के वक्त परियोजना स्थल पर कोई मजदूर या कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल प्रभावित स्थल से मलबे को हटाने और दबे हुए वाहनों को बाहर निकालने का अभियान तेजी से चलाया जा रहा है।

बाजारों में बाढ़ जैसे हालात, मकान और मंदिर क्षतिग्रस्त

बादल फटने का सबसे ज्यादा असर डोडा जिले के प्रेम नगर के ऊपरी इलाकों में देखने को मिला है। पहाड़ी से आए पानी और मलबे के कारण स्थानीय बाजार में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। बाजार से सटे नाले में अचानक पानी का स्तर बढ़ने और भारी मात्रा में कीचड़ आने से निचले इलाकों में स्थित कई रिहायशी मकानों और एक स्थानीय मंदिर को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, बाजार क्षेत्र में खड़ी बड़ी संख्या में गाड़ियां भी मलबे में धंस गई हैं। सोमवार को दिनभर मौसम साफ रहने से प्रशासन को स्थिति का आकलन करने और सफाई कार्य में थोड़ी मदद मिली।

मानतलाई-लाटी सड़क धंसी, प्रशासन ने जारी की एडवायजरी

रियासी जिले के ऊंचाई वाले इलाकों से भी बाढ़ आने की खबरें मिली हैं। वहीं, उधमपुर के चिनैनी क्षेत्र के बप्प गांव के पास भारी बारिश के कारण मानतलाई-लाटी सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे इस मार्ग पर भी वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस पूरी आपदा पर जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस पूरी तबाही में किसी भी तरह की जनहानि (जान का नुकसान) नहीं हुई है।

अधिकारियों ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया है और डोडा-किश्तवाड़ राजमार्ग (NH-244) को खोलने के लिए सड़क मरम्मत और सफाई का काम लगातार जारी है। प्रशासन ने क्षेत्र में यात्रा करने वाले यात्रियों को फिलहाल इस हाईवे की तरफ न जाने और आधिकारिक यातायात सलाह (Traffic Advisory) का पालन करने की सख्त हिदायत दी है।

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