IT Sector News : आईटी सेक्टर में बड़ा बदलाव, अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत में एआई नौकरियों का भविष्य

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आईटी सेक्टर में एआई की भूमिका पर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि एआई समाधान प्रदाता बनेगा। क्या पुराने स्किल्स वाले लोग पीछे छूट जाएंगे? जानिए एआई के दौर में किन 5 स्किल्स की रहेगी सबसे ज्यादा डिमांड।

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Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 12, 2026

IT Sector News :  भारत के केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश के डिजिटल भविष्य को लेकर एक उत्साहजनक तस्वीर पेश की है। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के वार्षिक बिजनेस समिट को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में 15 से 20 प्रतिशत की दर से वृद्धि हो रही है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि जहां पारंपरिक आईटी सेक्टर के कई हिस्सों को अब खुद को बदलने की जरूरत है, वहीं एआई एक नई क्रांति लेकर आया है। उन्होंने आईटी इंडस्ट्री के दिग्गजों और संस्था Nasscom से मिलकर काम करने का आह्वान किया ताकि भारत में एक ऐसा कुशल टैलेंट पूल तैयार किया जा सके, जो ग्लोबल टेक्नोलॉजी की इस लहर का नेतृत्व कर सके।

आईटी उद्योग में बदलाव की लहर: पारंपरिक मॉडल्स को अपडेट करने का समय

अश्विनी वैष्णव ने उद्योग जगत के साथ अपने निरंतर संवाद का हवाला देते हुए कहा कि एआई नौकरियों में बढ़ोतरी की गति बहुत प्रभावशाली है। हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि आईटी उद्योग के पुराने और पारंपरिक हिस्सों में अब बड़े बदलाव अनिवार्य हैं। उनके अनुसार, “चेंज” (बदलाव) ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय युवा केवल एआई का उपयोग न करें, बल्कि एआई के विकास और नवाचार में भी अग्रणी भूमिका निभाएं। इसके लिए सरकार और उद्योग जगत को शिक्षा और स्किलिंग के क्षेत्र में मिलकर बड़े कदम उठाने होंगे।

डेटा सेंटर्स और एआई सर्वर: भारत बनेगा ग्लोबल हब

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के महत्व को रेखांकित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत सरकार ने 2047 तक डेटा सेंटर्स पर टैक्स माफी की जो नीति अपनाई है, उसके सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं। वर्तमान में डेटा सेंटर सेक्टर में लगभग 200 अरब डॉलर के निवेश की संभावना है। इसके अलावा, उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि साझा करते हुए बताया कि HP (Hewlett Packard) जैसी दिग्गज कंपनी ने भारत में एआई सर्वर का निर्माण शुरू कर दिया है। सरकार ने अब Google और अन्य वैश्विक तकनीकी कंपनियों से भी आग्रह किया है कि वे स्थानीय स्तर पर सर्वर का उत्पादन शुरू करें, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को मजबूती मिलेगी।

सब-सी केबल नेटवर्क: भारत की नई डिजिटल लाइफलाइन

डिजिटल कनेक्टिविटी को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने के लिए भारत तीन विशाल सब-सी (समुद्री) केबल नेटवर्क पर काम कर रहा है। अश्विनी वैष्णव ने इन नेटवर्कों की रणनीतिक जानकारी देते हुए बताया:

  • पहला मार्ग: विशाखापट्टनम से ऑस्ट्रेलिया होते हुए अमेरिका (US) तक।
  • दूसरा मार्ग: दक्षिण भारत के तट से मध्य पूर्व और यूरोप होते हुए अमेरिका के पूर्वी तट तक।
  • तीसरा मार्ग: ‘केप ऑफ गुड होप’ के रास्ते सीधे अमेरिका तक।

ये केबल नेटवर्क अभी प्लानिंग और विकास के दौर में हैं। ये प्रोजेक्ट्स न केवल भारत को दुनिया से जोड़ेंगे, बल्कि एक ऐसा मजबूत डिजिटल आधार प्रदान करेंगे जो आने वाले दशकों में देश की आर्थिक विकास यात्रा का मुख्य स्तंभ बनेगा।भारत अब केवल सॉफ्टवेयर निर्यात करने वाला देश नहीं, बल्कि एआई, हार्डवेयर निर्माण और वैश्विक कनेक्टिविटी का केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। 200 अरब डॉलर का निवेश और एआई नौकरियों में 20% की वृद्धि यह दर्शाती है कि भारत ‘डिजिटल महाशक्ति’ बनने की राह पर तेजी से बढ़ रहा है।

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