Masoud Pezeshkian: ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन की दिलेरी, तेहरान में बमबारी के बीच जनता के साथ मार्च

ईरान-इजराइल महायुद्ध के सबसे खतरनाक मोड़ पर राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने वह कर दिखाया जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। तेहरान के आसमान में गूंजते धमाकों के बीच वे बिना किसी बुलेटप्रूफ घेरे के जनता के साथ मार्च करने निकल पड़े। क्या यह दिलेरी इजराइल के लिए बड़ा मनोवैज्ञानिक संकेत है?

Masoud Pezeshkian

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 13, 2026

Masoud Pezeshkian: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़े महायुद्ध के बीच तेहरान से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद उपजे भारी तनाव और लगातार हो रही बमबारी के बावजूद, राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन शुक्रवार को तेहरान की सड़कों पर उतर आए। कुद्स डे के मौके पर जब राजधानी के फर्डोसी स्क्वायर पर हजारों की भीड़ जमा थी, तब राष्ट्रपति को अपने बीच देख प्रदर्शनकारी दंग रह गए। बिना किसी भारी सुरक्षा तामझाम के, पेजेश्कियन का इस तरह जनता के बीच आना उनकी निडरता और नेतृत्व क्षमता का एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।

फर्डोसी स्क्वायर पर धमाके और धुएं के बीच डटे रहे राष्ट्रपति

यह घटना उस समय की है जब इजरायल और अमेरिका की मिसाइलें तेहरान के आसमान को चीर रही थीं। राज्य मीडिया द्वारा जारी वीडियो में देखा जा सकता है कि फर्डोसी स्क्वायर के ठीक पीछे एक मिसाइल गिरने से धुएं का गुबार उठ रहा है, लेकिन राष्ट्रपति पेजेश्कियन विचलित हुए बिना भीड़ में टहलते रहे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से हाथ मिलाया, सेल्फी खिंचवाई और लोगों ने उत्साहपूर्वक उन्हें चूमकर अपना समर्थन जताया। फिलीस्तीन समर्थक नारों के बीच राष्ट्रपति का यह मार्च ऐसे समय में हुआ जब तेहरान के चप्पे-चप्पे पर हवाई हमलों का खतरा मंडरा रहा था।

अस्पताल का दौरा और आत्मरक्षा के अधिकार पर कड़ा रुख

सड़कों पर प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाने के बाद राष्ट्रपति पेजेश्कियन सीधे उन अस्पतालों में पहुंचे जहाँ युद्ध में घायल हुए नागरिक और सैनिक उपचाराधीन हैं। घायलों से मुलाकात के दौरान वे काफी भावुक नजर आए, लेकिन उनके शब्दों में कूटनीतिक कड़वाहट साफ दिखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपने पड़ोसी देशों पर हमले रोकने के लिए तैयार है, लेकिन अमेरिका और इजरायल द्वारा की गई आक्रामकता का जवाब देना उसका संप्रभु अधिकार है। खामेनेई की मृत्यु के बाद यह पहली बार था जब पेजेश्कियन इस तरह सार्वजनिक रूप से नजर आए, जिससे यह संकेत मिलता है कि ईरानी नेतृत्व झुकने के मूड में नहीं है।

पश्चिमी बनाम ईरानी सुरक्षा तंत्र: ट्रंप के डर और पेजेश्कियन की दिलेरी की तुलना

राष्ट्रपति पेजेश्कियन की इस सक्रियता ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया में एक नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का सवाल है कि क्या कोई पश्चिमी नेता, जैसे कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इतने बड़े युद्ध के बीच अपनी जनता के साथ सड़कों पर इतनी स्वतंत्रता से घूम सकते हैं? एक तरफ जहाँ ईरानी खतरों के मद्देनजर अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपतियों और व्हाइट हाउस की सुरक्षा को ‘सीक्रेट सर्विस’ ने अभेद्य बना दिया है और ट्रंप जैसे नेता भारी सुरक्षा घेरे में रहते हैं, वहीं दूसरी तरफ पेजेश्कियन सीधे मिसाइल हमलों के बीच जनता के साथ मार्च कर रहे हैं।

प्रतिरोध की भावना और ईरानी एकता का प्रतीक

ईरानी राष्ट्रपति का यह कदम केवल एक राजनीतिक स्टंट नहीं, बल्कि युद्ध के बीच राष्ट्रीय एकता को दर्शाने वाला एक बड़ा मनोवैज्ञानिक हथियार है। जहाँ एक तरफ अमेरिका में ईरान के संभावित हमलों को लेकर डर और सुरक्षा बढ़ा दी गई है, वहीं तेहरान की सड़कों पर पेजेश्कियन की मौजूदगी ईरानी आवाम की प्रतिरोध भावना को मजबूत कर रही है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बढ़ती आक्रामकता और हमलों से चिंतित है, क्योंकि इससे लाखों लोगों का जीवन संकट में है। पेजेश्कियन का यह साहस ईरान के भीतर उनकी छवि को एक निडर सेनापति के रूप में स्थापित कर रहा है।

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