Strait of Hormuz: भारत में पिछले कुछ दिनों से जारी एलपीजी की किल्लत की खबरों के बीच एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। ईरान से एलपीजी लेकर चला भारतीय टैंकर ‘शिवालिक’ सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पार कर रहा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों में गैस की कमी की अफवाहों के चलते लोग भारी दबाव में थे। अब इस खेप के आने से घरेलू और कमर्शियल बाजार में गैस आपूर्ति (Gas Supply) सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
भारतीय नौसेना की निगरानी में आ रहा गैस टैंकर
ईरान से आ रहा ‘शिवालिक’ एलपीजी टैंकर (LPG Tanker Shivalik) 40,000 मीट्रिक टन गैस से लदा हुआ है। समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, इस महत्वपूर्ण खेप की सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना के युद्धपोत (Indian Navy Warships) पास के समुद्री क्षेत्र में पूरी तरह सतर्क हैं। बिना किसी बाहरी सुरक्षा के ‘शिवालिक’ का चुनौतीपूर्ण होर्मुज मार्ग पार करना भारत की कूटनीतिक जीत मानी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति के बीच हुई उच्च स्तरीय बातचीत के बाद ही इस ईंधन खेप (Fuel Consignment) का रास्ता साफ हुआ है।
किल्लत और जमाखोरी की अफवाहों का खंडन
पिछले तीन-चार दिनों से एलपीजी की कमी की चर्चाओं के कारण गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी जा रही थीं। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय (Ministry of Petroleum) ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में गैस का कोई वास्तविक संकट नहीं है। मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, गलत सूचनाओं और अफवाहों के कारण लोग घबराहट में पैनिक बुकिंग (Panic Booking) और सिलेंडरों की जमाखोरी करने लगे थे। अब 40,000 मीट्रिक टन की इस बड़ी खेप के आने से वितरण प्रणाली में स्थिरता आएगी।
नई वितरण प्रणाली और बुकिंग नियम
गैस वितरण को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए सरकार ने डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC System) को अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत ग्राहक को सिलेंडर लेते समय डिलीवरी मैन को एक ओटीपी देना होगा। साथ ही, मांग के बेहतर प्रबंधन के लिए दो रिफिल बुकिंग के बीच के न्यूनतम अंतराल (Booking Interval) को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। मंत्रालय का कहना है कि घरेलू गैस डिलीवरी का औसत समय अभी भी ढाई दिन के करीब है, जो कि संतोषजनक है।
रिफाइनिंग क्षमता और ऊर्जा सुरक्षा
भारत वर्तमान में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर है और प्रतिदिन लगभग 55 लाख बैरल तेल का उपयोग करता है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि कच्चे तेल की उपलब्धता (Crude Oil Availability) और रिफाइनिंग की स्थिति बहुत मजबूत है। भारत की उच्च रिफाइनिंग क्षमता के कारण न केवल पेट्रोल-डीजल बल्कि एलपीजी जैसे पेट्रोलियम उत्पादों (Petroleum Products) की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है। ‘शिवालिक’ के बाद एक और टैंकर जल्द ही भारत के लिए रवाना होने वाला है, जिससे आगामी हफ्तों में ऊर्जा सुरक्षा और भी पुख्ता होगी।










