Iran Crisis: मोजतबा खामेनेई पर अमेरिका का बड़ा दांव, 10 ईरानी नेताओं की जानकारी के लिए 1 करोड़ डॉलर के इनाम का ऐलान

ईरान में सत्ता परिवर्तन की आहट? अमेरिका ने मोजतबा खामेनेई और 10 बड़े नेताओं के खिलाफ घोषित किया 1 करोड़ डॉलर का महा-इनाम! रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस कार्यक्रम के तहत इस बड़े ऐलान ने तेहरान में खलबली मचा दी है। क्या यह अमेरिका की ईरान के खिलाफ किसी गुप्त सैन्य स्ट्राइक की तैयारी है?

Iran Crisis

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 14, 2026

Iran Crisis:  ईरान और अमेरिका के बीच चल रही दशकों पुरानी अदावत अब एक बेहद संवेदनशील और आक्रामक मोड़ पर आ गई है। अमेरिकी विदेश विभाग ने ‘रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस’ (Rewards for Justice) कार्यक्रम के तहत ईरान के शीर्ष नेतृत्व को सीधे चुनौती देते हुए एक बड़ी घोषणा की है। इस योजना के केंद्र में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई समेत 10 प्रमुख हस्तियां हैं। अमेरिका का आरोप है कि ये नेता न केवल ईरान की सत्ता पर काबिज हैं, बल्कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के माध्यम से पूरी दुनिया में अशांति और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं।

एक करोड़ डॉलर का पुरस्कार और सुरक्षित ठिकाने का वादा

अमेरिकी प्रशासन ने इन नेताओं के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सूचना तंत्र का सहारा लिया है। घोषणा के मुताबिक, जो कोई भी इन विशिष्ट ईरानी नेताओं की गतिविधियों, वित्त पोषण या उनके ठिकानों के बारे में विश्वसनीय जानकारी देगा, उसे एक करोड़ डॉलर (लगभग 83 करोड़ रुपये) तक की भारी पुरस्कार राशि दी जा सकती है। इसके अलावा, अमेरिका ने सूचना देने वाले की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें और उनके परिवार को किसी सुरक्षित देश में पुनर्वास (Relocation) की सुविधा देने का भी वादा किया है। यह रणनीति ईरान के आंतरिक खुफिया ढांचे में सेंध लगाने की एक बड़ी कोशिश मानी जा रही है।

हिट लिस्ट में मोजतबा खामेनेई और शीर्ष ईरानी मंत्री

इस इनामी सूची में सबसे चौंकाने वाला नाम मोजतबा खामेनेई का है, जिन्हें ईरान के अगले सर्वोच्च नेता के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता है। उनके साथ ही खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब और गृह मंत्री ब्रिगेडियर जनरल एस्कंदर मोमेनी जैसे रसूखदार अधिकारियों को भी ‘आतंकवादी नेता’ के तौर पर चिन्हित किया गया है। अमेरिका का मानना है कि ये सभी चेहरे IRGC के उस खुफिया और सैन्य तंत्र का संचालन करते हैं, जो पश्चिम एशिया से लेकर पश्चिमी देशों तक अपने ऑपरेशंस चलाता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जारी पोस्टर के जरिए अमेरिका ने इन चेहरों को दुनिया के सामने अपराधी के तौर पर पेश किया है।

डिजिटल सुरक्षा और गुप्त सूचना तंत्र की व्यवस्था

सूचना देने वालों की पहचान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अमेरिकी सुरक्षा विभाग ने अत्याधुनिक और सुरक्षित संचार माध्यमों का उपयोग करने की सलाह दी है। इच्छुक व्यक्ति ‘रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस’ के विशेष एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म या डार्क वेब पर स्थित टोर (Tor) नेटवर्क के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मुखबिर की पहचान को कभी भी सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को प्रोत्साहित करना है जो ईरानी प्रशासन के भीतर काम कर रहे हैं या उनके बेहद करीबी हैं।

ईरान की तीखी प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय कूटनीति पर असर

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब इजराइल-हमास युद्ध और लाल सागर के संकट ने पूरे मध्य पूर्व को बारूद के ढेर पर खड़ा कर दिया है। ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के इस कदम को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन और “खुली डकैती” बताया है। तेहरान का कहना है कि अमेरिका अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए इस तरह की साजिशें रच रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की यह इनामी रणनीति आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच सीधे सैन्य टकराव की आशंका को और बढ़ा सकती है, जिससे वैश्विक तेल कीमतों और सुरक्षा समीकरणों पर गहरा असर पड़ेगा।