Iran Anti-Khamenei Protests: ईरान में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। सुप्रीम लीडर सैय्यद अली होसैनी खामेनेई के नेतृत्व वाले इस्लामी शासन के खिलाफ जनता का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा। खस्ताहाल अर्थव्यवस्था और बढ़ती महंगाई से परेशान लोग अब सड़कों पर उतर आए हैं। राजधानी तेहरान की गलियों से लेकर अन्य जिलों तक विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। नाराज जनता “तानाशाह मुर्दाबाद” और “इस्लामी गणतंत्र मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाकर शासन के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर कर रही है।
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इस्फ़हान में हिंसक प्रदर्शन

ईरान के मध्य जिले इस्फ़हान में प्रदर्शनकारियों ने इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) भवन को आग के हवाले कर दिया। इसके अलावा कई गाड़ियों को भी आग लगाई गई। यह घटना इस बात का संकेत है कि जनता का गुस्सा अब हिंसक रूप ले रहा है और शासन के खिलाफ आक्रोश चरम पर है।
सरकार की सख्त कार्रवाई
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की सरकार ने रात के समय प्रदर्शन तेज होने पर इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन कॉल सेवाएं बंद कर दीं। संचार व्यवस्था ठप कर दी गई ताकि प्रदर्शनकारियों के बीच समन्वय न हो सके। वहीं, आजादी के नारे लगाने वाले लोगों को देश की न्यायपालिका और सुरक्षा बलों ने कठोर प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है।
तेहरान में विरोध की गूंज
निर्वासन में रह रहे ईरान के क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने तेहरान में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। उन्होंने गुरुवार और शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार रात 8 बजे लोगों से सड़कों पर उतरने की अपील की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही रात के 8 बजे, तेहरान और आसपास के इलाकों में नारे गूंजने लगे। लोग “तानाशाह मुर्दाबाद” और “इस्लामी गणतंत्र मुर्दाबाद” के नारे लगा रहे थे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने शाह के समर्थन में भी नारे लगाए—”यह आखिरी लड़ाई है! पहलवी वापस आएगा!”
संचार व्यवस्था पर रोक
ईरान में इंटरनेट और सभी तरह की संचार सेवाएं बंद होने से पहले हजारों लोग सड़कों पर देखे गए। क्राउन प्रिंस पहलवी ने कहा कि ईरानियों ने आज रात अपनी आजादी की मांग की। इसके जवाब में शासन ने संचार की सभी लाइनें काट दीं। इंटरनेट बंद कर दिया गया, लैंडलाइन सेवाएं रोक दी गईं और यहां तक कि सैटेलाइट सिग्नलों को जाम करने की भी कोशिश की जा सकती है।










