IPL 2026: आईपीएल 2026 के रोमांचक सत्र में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) के बीच हुआ मुकाबला केवल चौकों और छक्कों के लिए नहीं, बल्कि खिलाड़ियों पर हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए भी चर्चा में आ गया है। इस मैच के बाद दोनों टीमों के खेमे से बुरी खबरें सामने आईं। जहाँ एक ओर चेन्नई के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ को टीम की धीमी ओवर गति (स्लो ओवर रेट) के लिए दंडित किया गया, वहीं दिल्ली कैपिटल्स के नीतीश राणा पर अंपायर के साथ दुर्व्यवहार करने के कारण भारी जुर्माना लगाया गया है। यह घटना दर्शाती है कि आईपीएल के कड़े नियमों के सामने कोई भी खिलाड़ी छूट नहीं सकता।
ऋतुराज गायकवाड़ पर 12 लाख का जुर्माना: स्लो ओवर रेट का साया
चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के लिए यह मैच आर्थिक रूप से भारी पड़ गया। आईपीएल की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, CSK को आईपीएल आचार संहिता के आर्टिकल 2.22 के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। यह धारा मुख्य रूप से निर्धारित समय सीमा के भीतर ओवर पूरे न करने यानी ‘स्लो ओवर रेट’ से संबंधित है। चूंकि आईपीएल 2026 में चेन्नई की यह पहली गलती थी, इसलिए कप्तान ऋतुराज पर न्यूनतम 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। गायकवाड़ अब इस सीजन सजा पाने वाले तीसरे कप्तान बन गए हैं।
IPL 2026 में कप्तानों की बढ़ती मुश्किलें
स्लो ओवर रेट इस सीजन में कप्तानों के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। ऋतुराज से पहले पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर दो बार इस गलती के लिए जुर्माना भर चुके हैं। अय्यर को गुजरात टाइटंस और चेन्नई के खिलाफ मैचों में ओवर गति धीमी रखने का दोषी पाया गया था। उनके अलावा गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल पर भी दिल्ली कैपिटल्स के विरुद्ध खेले गए मैच में 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। बीसीसीआई ने स्पष्ट कर दिया है कि समय प्रबंधन में कोताही बरतने पर कप्तानों को सख्त सजा दी जाएगी।
नीतीश राणा पर गिरी गाज: बिना मैदान पर उतरे ही कट गई फीस
दिल्ली कैपिटल्स के नीतीश राणा के साथ जो हुआ, वह आईपीएल इतिहास की दुर्लभ घटनाओं में से एक है। राणा मैच में इम्पैक्ट सब्सिट्यूट (Impact Substitute) के तौर पर शामिल थे और वे बल्लेबाजी या फील्डिंग के लिए मैदान पर उतरे भी नहीं थे। इसके बावजूद, चौथे अंपायर के साथ तीखी बहस करने के कारण उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत हिस्सा काट लिया गया है। जुर्माने के साथ-साथ उनके अनुशासन रिकॉर्ड में 1 डिमेरिट अंक भी जोड़ दिया गया है, जो भविष्य में उनके लिए निलंबन का खतरा बढ़ा सकता है।
विवाद की जड़: क्या ग्लव्स न बदलने देना स्टब्स के आउट होने की वजह बना?
नीतीश राणा और अंपायर के बीच बहस की शुरुआत दिल्ली की पारी के 19वें ओवर में हुई। दिल्ली के बल्लेबाज ट्रिस्टन स्टब्स पसीने या सहजता के कारण अपने ग्लव्स बदलना चाहते थे, लेकिन फोर्थ अंपायर ने खेल की गति को देखते हुए उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। इत्तेफाक से उसी ओवर में स्टब्स कैच आउट हो गए। इस घटना से दिल्ली का डगआउट भड़क गया। नीतीश राणा और टीम के कोच को बाउंड्री लाइन के पास चौथे अंपायर से ऊंचे स्वर में बहस करते देखा गया। दिल्ली कैंप का मानना था कि अंपायर का वह फैसला उनके बल्लेबाज की एकाग्रता भंग करने वाला था, जिसने मैच का रुख बदल दिया।
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