IPL 2026 New Rule: दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिकेट लीग, इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) के 19वें सीजन का बिगुल बज चुका है। 28 मार्च से शुरू हो रहे इस महाकुंभ के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने कमर कस ली है। इस बार खेल के रोमांच के साथ-साथ अनुशासन पर भी खास जोर दिया गया है। बीसीसीआई ने आधिकारिक तौर पर 7 नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन सभी 10 फ्रेंचाइजी टीमों को अनिवार्य रूप से करना होगा। ये नियम खेल की रणनीति से ज्यादा मैदान के बाहर और अभ्यास सत्रों के प्रबंधन से जुड़े हैं।
मैच के दिन अभ्यास पर पाबंदी
BCCI द्वारा जारी की गई नई नियमावली का पहला और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा टीमों के अभ्यास सत्रों से जुड़ा है। अब किसी भी आईपीएल टीम को उस दिन ट्रेनिंग या प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिस दिन उनका आधिकारिक मैच निर्धारित है। बोर्ड का मानना है कि इससे खिलाड़ियों की थकान कम होगी और वे मैच के दौरान शत-प्रतिशत प्रदर्शन कर पाएंगे।
इसके साथ ही, अभ्यास मैचों के लिए नए कानून (Practice Match Guidelines) भी तय किए गए हैं। अब कोई भी टीम पूरे सीजन के दौरान 2 से अधिक प्रैक्टिस मैच नहीं खेल सकेगी। इन मैचों के आयोजन के लिए भी बीसीसीआई से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इतना ही नहीं, समय की बर्बादी रोकने के लिए यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी अभ्यास मैच 3.5 घंटे की समय सीमा से बाहर न जाए।
पिच शेयरिंग पर सख्त मनाही
तीसरा प्रमुख नियम प्रैक्टिस नेट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग (Infrastructure & Pitch Rules) को लेकर है। अब कोई भी टीम दूसरी टीम के साथ अभ्यास नेट साझा नहीं करेगी। प्रत्येक फ्रेंचाइजी को अभ्यास के लिए बिल्कुल नए और अलग नेट्स आवंटित किए जाएंगे। यदि किसी टीम का नेट खाली भी पड़ा है, तो भी प्रतिद्वंद्वी टीम उसका उपयोग नहीं कर सकेगी।
पिच प्रबंधन को लेकर भी बीसीसीआई ने सख्त रुख अपनाया है। जिस पिच पर घरेलू टीम अपना पहला मुकाबला खेलने वाली है, उस मुख्य पिच पर मैच से 4 दिन पहले किसी भी प्रकार की ट्रेनिंग या ड्रिल की इजाजत नहीं होगी। रेंज हिटिंग, थ्रो डाउन और रन-अप अभ्यास के लिए टीमों को अलग से विकेट मुहैया कराए जाएंगे। यदि दो टीमें एक के बाद एक अभ्यास करती हैं, तो हर बार उन्हें नई तैयार की गई पिच ही दी जाएगी ताकि अभ्यास की गुणवत्ता बनी रहे।
खिलाड़ियों की यात्रा और मैदान पर व्यवहार के नए नियम
IPL 2026 के लिए बीसीसीआई ने एक संवेदनशील बदलाव खिलाड़ियों के परिवार और यात्रा प्रबंधन (Family Travel & Transport Rules) में भी किया है। अब खिलाड़ियों के परिवार के सदस्य या मित्र उनके साथ आधिकारिक दौरों पर यात्रा नहीं कर सकेंगे। मैच या अभ्यास सत्र के लिए जाते समय सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को अनिवार्य रूप से टीम बस का ही उपयोग करना होगा। निजी वाहनों या अलग से आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
अंत में, अनुशासन को बनाए रखने के लिए बीसीसीआई ने खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को मैदान पर लगे एलईडी (LED) बोर्ड के पास बैठने से बैन (Sitting Prohibitions near LED Boards) कर दिया है। मैच के दौरान अनुशासन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। इन 7 नियमों के उल्लंघन पर टीमों पर भारी जुर्माना या अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।









