Indian Ship Attacked in Hormuz: ओमान तट के पास जहाज पर हमला, तीन भारतीय क्रू मेंबर्स की मौत की पुष्टि

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ओमान तट पर वाणिज्यिक पोत 'एमटी सेट्टेबेलो' पर अमेरिकी नौसेना के हमले में चीफ इंजीनियर समेत $3$ भारतीय नाविकों की मौत हो गई है।

Indian Ship Attacked in Hormuz

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 11, 2026

Indian Ship Attacked in Hormuz: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ओमान तट पर एक बेहद गंभीर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मचा देने वाला मामला सामने आया है। ओमान के समुद्री क्षेत्र में आगे बढ़ रहे वाणिज्यिक पोत ‘एमटी सेट्टेबेलो’ (MT Settebello) पर अमेरिकी नौसेना बलों द्वारा किए गए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत की दर्दनाक पुष्टि हो गई है। इस घटना के बाद वैश्विक राजनीति और समुद्री सुरक्षा को लेकर कई तरह के गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।

घटना पर ‘फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया’ (FSUI) के महासचिव मनोज यादव ने गहरा शोक व्यक्त किया है। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी सेना के इरादों पर एक बहुत बड़ा और सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि अमेरिकी नौसेना बलों को उस जहाज पर सवार क्रू मेंबर्स (चालक दल) की राष्ट्रीयता के बारे में ‘101% पुख्ता जानकारी’ थी, फिर भी जानबूझकर यह विनाशकारी हमला किया गया।

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विदेश मंत्रालय ने की हमले की कड़ी निंदा

भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस सैन्य कार्रवाई और हमले की सख्त लहजे में निंदा की है। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, जिस समय यह हमला हुआ, उस पोत पर कुल 24 भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे। हमले के तुरंत बाद चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में 21 भारतीय नाविकों को पूरी तरह सुरक्षित बचा लिया गया है।

शुरुआती चरण में तीन भारतीय नागरिक लापता बताए जा रहे थे, लेकिन बाद में ओमान स्थित भारतीय दूतावास और स्थानीय सुरक्षा बलों के समन्वय से चले खोज अभियान के बाद उन तीनों लापता भारतीयों की मृत्यु की पुष्टि कर दी गई। सीमेन यूनियन के अनुसार, हमले के बाद से प्रभावित पोत से संचार और संपर्क व्यवस्था बुरी तरह बाधित हो गई है, जिसके चलते जमीनी स्तर से सटीक विवरण और अन्य तकनीकी जानकारियों को जुटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

हिमाचल, यूपी और आंध्र के थे मृतक

अमेरिकी हमले में अपनी जान गंवाने वाले तीनों होनहार नाविक भारत के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों से ताल्लुक रखते थे, जिससे देश के कई हिस्सों में इस समय मातम पसरा हुआ है। फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) की तरफ से मंगलवार को हुए इस हमले में मारे गए बहादुर नाविकों के नाम और उनके गृह राज्यों की आधिकारिक सूची जारी की गई है, मृतक पटनाला सुरेश जहाज पर चीफ इंजीनियर के बेहद जिम्मेदार पद पर तैनात थे और वे मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले थे। शिवानंद चौरसिया उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के निवासी थे और जहाज पर इंजन फिटर के रूप में कार्यरत थे। युवा नाविक आदित्य शर्मा पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश के रहने वाले थे और डेक कैडेट के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे थे।

“अमेरिका को सब पता था, वे हिरासत में ले सकते थे…” – मनोज यादव का तीखा हमला

इस पूरे घटनाक्रम पर फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया के महासचिव मनोज यादव ने अमेरिकी नौसेना की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “मैं वैश्विक मंच पर यह मानने से बिल्कुल इनकार करता हूं कि सुपरपावर अमेरिका को उन अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर सवार इंसानों की नागरिकता और राष्ट्रीयता के बारे में पहले से पता नहीं था। आधुनिक तकनीक के इस दौर में मुझे 101% यकीन है कि अमेरिकी खुफिया और नौसेना तंत्र को ठीक-ठीक मालूम था कि उस जहाज पर कितने भारतीय और कितने अन्य विदेशी नागरिक मौजूद हैं।”

मनोज यादव ने आगे तर्क देते हुए कहा कि अगर व्यावसायिक जहाज ‘एमटी सेट्टेबेलो’ ने अमेरिकी नौसेना के किसी नौसैनिक निर्देश या रूट का पालन नहीं भी किया था, तो भी अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों के तहत उन्हें जहाज को चारों तरफ से घेरकर हिरासत में लेना चाहिए था, न कि उस पर सीधे घातक मिसाइल या तोप से हमला कर निर्दोषों की जान लेनी चाहिए थी। फिलहाल ओमान में भारतीय दूतावास के अधिकारी स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर मृतकों के शवों को सम्मानपूर्वक भारत वापस लाने और बचे हुए 21 भारतीयों की काउंसिलर मदद के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

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