India-US Trade Deal: लोकसभा में बजट सत्र के दौरान उस समय राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (Trade Deal) को लेकर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। राहुल गांधी ने अत्यंत कड़े शब्दों का प्रयोग करते हुए आरोप लगाया कि इस डील में भारतीय किसानों के हितों की बलि दे दी गई है। उन्होंने सदन में कहा कि यह समझौता बराबरी की शर्तों पर नहीं किया गया। गांधी ने भावनात्मक कार्ड खेलते हुए कहा, “सरकार को शर्म आनी चाहिए कि उसने भारत माता को बेच दिया है।” उन्होंने दावा किया कि देश के इतिहास में किसी भी प्रधानमंत्री ने किसानों के हितों को इस तरह नहीं कुचला, जैसा वर्तमान सरकार कर रही है।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की सफाई: ‘किसानों का कल्याण सर्वोपरि’
राहुल गांधी के इन गंभीर आरोपों का जवाब देने के लिए खुद वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल सामने आए। उन्होंने राहुल गांधी के दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की व्यापारिक नीतियों के केंद्र में हमेशा किसान ही रहते हैं। गोयल ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा, “वाणिज्य मंत्री के रूप में मैं यह जिम्मेदारी के साथ कह सकता हूं कि अमेरिका या किसी भी देश के साथ किए गए सभी निर्णय हमारे किसानों के कल्याण को ध्यान में रखकर लिए गए हैं। उनके हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया गया है, बल्कि उनकी रक्षा की गई है।”
अश्विनी वैष्णव का डेटा और कानून पर तर्क
विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने डेटा सुरक्षा और कानूनी ढांचे का हवाला देते हुए कहा कि भारत का डेटा ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट’ के तहत पूरी तरह सुरक्षित है। वैष्णव ने राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों को लेकर इस तरह के निराधार आरोप लगाने से पहले तथ्यों को प्रमाणित (Authenticate) करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत के सभी संवेदनशील सेक्टर अपने-अपने रेगुलेशन के तहत काम कर रहे हैं और सरकार की पारदर्शिता पर सवाल उठाना गलत है।
बीजेपी का पलटवार: ‘जहरीला झूठ और शाहीन बाग की याद’
बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के आचरण पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता को लगता है कि वे “जहरीले झूठ” फैलाकर विदेश चले जाएंगे। त्रिवेदी ने कांग्रेस के व्यवहार की तुलना सड़क किनारे होने वाले हंगामे से की और इसे संसदीय मर्यादा के खिलाफ बताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सदन में महिलाओं को ढाल बनाकर जिस तरह का प्रदर्शन किया गया, उसने शाहीन बाग के विरोध प्रदर्शन की यादें ताजा कर दीं। बीजेपी ने इसे लोकतंत्र को कमजोर करने वाला व्यवहार करार दिया।
किरण रिजिजू की मांग: भाषण से हटाए जाएं असंसदीय शब्द
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने राहुल गांधी के भाषण को बिना तर्क और सबूतों वाला करार दिया। उन्होंने स्पीकर से मांग की कि राहुल गांधी ने जो भी असंसदीय शब्द इस्तेमाल किए हैं और जो “झूठ” बोला है, उसे सदन की कार्यवाही (Records) से हटा दिया जाना चाहिए। रिजिजू ने भावुक होते हुए कहा कि कोई भी इस देश को न तो खरीद सकता है और न ही बेच सकता है। राहुल गांधी का यह कहना कि “भारत को बेचा गया है”, न केवल हास्यास्पद है बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का अपमान भी है।









