Pappu Yadav FIR: संसद परिसर के भीतर साधु का वेश धारण करके अनोखे अंदाज में किए गए विरोध प्रदर्शन का मामला अब तूल पकड़ चुका है और इसकी आंच उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक पहुंच गई है। पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर महंत बालक दास की आधिकारिक शिकायत के आधार पर वाराणसी के कोतवाली थाने में सांसद पप्पू यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल इस मामले में कानूनी कार्रवाई की शुरुआत वाराणसी के कोतवाली थाने से हुई है, और स्थानीय पुलिस ने पूरे प्रकरण की गहनता से जांच शुरू कर दी है।
संत समाज में भारी आक्रोश और वकीलों का विरोध प्रदर्शन
शिकायतकर्ता महंत बालक दास के अनुसार, संसद परिसर में पप्पू यादव द्वारा साधु का वेश धारण कर चढ़ावा चोरी और वित्तीय गड़बड़ी के मुद्दों को लेकर एक नाटकीय प्रस्तुति (स्किट) दी गई थी। इस प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और अवधेश प्रसाद भी वहां मौजूद रहकर इसका समर्थन करते नजर आए थे।
देश के संत समाज ने इस कृत्य को सनातन धर्म की महान साधु परंपरा का सीधा अपमान करार दिया है और इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। इस घटना के बाद से वाराणसी के संतों में गहरा रोष व्याप्त है। इतना ही नहीं, वाराणसी के कचहरी परिसर में वकीलों ने भी सड़कों पर उतरकर कड़ा विरोध प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। वकीलों और संतों के दबाव के चलते कैंट थाने में भी राहुल गांधी और पप्पू यादव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए तहरीर दी गई है।
क्या है पूरा विवाद और संसद में प्रदर्शन का घटनाक्रम?
यह पूरा विवाद बीते 31 जुलाई को संसद भवन परिसर में हुए एक अनोखे राजनीतिक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों के सांसदों ने केंद्र सरकार को घेरने के लिए नुक्कड़ नाटक और अभिनय का सहारा लिया था। इस प्रदर्शन के माध्यम से कई ज्वलंत मुद्दे उठाए गए, जिनमें अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का आरोप भी शामिल था।
विपक्ष के इन नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस विशेष मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से जवाब देने और संसद में अपनी बात रखने की मांग की थी। इसके अलावा, देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ भी सरकार को आड़े हाथों लिया गया।
इस पूरे नाटक के दौरान पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र और साधु के वेश में नजर आए। उनके हाथ में भगवान राम की एक तस्वीर भी थी, और वे नाटक के मंचन के दौरान कथित तौर पर श्रद्धालुओं से चढ़ावा लेते हुए दिखाई दिए थे। विपक्ष का यह अनूठा विरोध प्रदर्शन अब सियासी गलियारों से निकलकर कानूनी विवाद में बदल चुका है और इसके चलते वाराणसी में इन दिग्गज नेताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस अब इस मामले के विभिन्न पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है।
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