UP News: उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों बयानों और तीखे आरोपों का दौर अपने चरम पर पहुंच चुका है। नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है।
प्रदर्शन और पुलिसिया कार्रवाई पर विवाद
बताते चले कि, संसद की तरफ कूच कर रहे छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर लाठीचार्ज किए जाने, आंसू गैस के गोले छोड़ने तथा पैलेट गन के इस्तेमाल किए जाने को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। जहां पूरा विपक्ष एकजुट होकर इन घटनाओं की निंदा कर रहा है, वहीं सत्ता पक्ष इसे देश के विरुद्ध उठी आवाज करार दे रहा है।
पीएम मोदी का संदेश और अखिलेश का तंज
इन तमाम घटनाक्रमों के बीच शुक्रवार की रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से आपत्तिजनक बयान देने वाले बच्चों को माफ करने की बात कही थी। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पलटवार किया और कहा कि यदि भाजपा के नेता दंडवत होकर भी माफी मांग लें, तब भी जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।
माफी की राजनीति पर तीखी प्रतिक्रिया
जंतर-मंतर पर कथित रूप से अपशब्द कहे जाने के मामले में माफी से जुड़ी खबरों पर बोलते हुए सपा प्रमुख ने भाजपा की इस शैली को पुरानी और आउटडेटेड रणनीति बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा हमेशा से दूसरों पर माफी मांगने का दबाव बनाने की नकारात्मक राजनीति करती चली आ रही है, जिससे जनता का रोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
बटेश्वर कॉरिडोर में भ्रष्टाचार के आरोप
केवल राजनीतिक बयानों तक ही सीमित न रहते हुए, अखिलेश यादव ने भ्रष्टाचार के गंभीर मुद्दों को भी उठाया है। उन्होंने ‘बटेश्वर कॉरिडोर’ के निर्माण कार्य से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए और इसे भारी भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण करार दिया।
तकनीकी मानकों की अनदेखी का दावा
सपा अध्यक्ष ने अपनी बात रखते हुए आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में बुनियादी तकनीकी मानकों की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है, जहां बिना मजबूत बेस के सीधे मिट्टी पर प्लेन सीमेंट कंक्रीट (PCC) बिछाई जा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कॉरिडोर के निर्माण में निम्न कोटि के पत्थरों और घटिया सामग्री का खुलकर इस्तेमाल किया जा रहा है।
सुनवाई के बजाय धमकियों का दौर
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि डिजाइन से जुड़ी कमियों को लेकर कई बार लिखित शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन सरकार की तरफ से कोई सुध नहीं ली गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के इस शासनकाल में यदि कोई जनप्रतिनिधि या ईमानदार नागरिक अपनी आवाज उठाता है, तो उसे न्याय मिलने के बजाय सिर्फ धमकियों का सामना करना पड़ता है।
अटल प्रोग्रेस वे पर उठाया सवाल
भ्रष्टाचार से जुड़े इन गंभीर आरोपों के साथ-साथ सपा प्रमुख ने पुरानी और बहुप्रचारित परियोजनाओं को लेकर भी सत्ता पक्ष से स्पष्ट जवाब मांगा है। ‘अटल प्रोग्रेस वे’ के निर्माण का जिक्र करते हुए उन्होंने जनता की तरफ से सरकार से यह तीखा सवाल किया है कि क्या यह महत्त्वाकांक्षी परियोजना भी आखिरकार भाजपा के लिए सिर्फ एक जुमला बनकर रह गई है?










