India UNSC Pakistan : संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अफगानिस्तान की स्थिति पर हुई बैठक के दौरान भारत ने आतंकवाद और कथित सुरक्षित पनाहगाहों का मुद्दा उठाया। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथनेनी हरीश ने 9/11 हमलों से जुड़े अल-कायदा के वरिष्ठ सदस्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे किसी दूरदराज के पहाड़ी इलाके या गुफाओं में नहीं, बल्कि आबादी वाले इलाकों में पाए गए थे।
9/11 के 25 साल बाद आतंकवाद पर चर्चा
11 सितंबर 2001 के अमेरिका में हुए आतंकी हमलों की 25वीं बरसी के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई थी। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार परिषद ने आतंकवाद को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए सामूहिक अंतरराष्ट्रीय प्रयासों की जरूरत दोहराई।

ओसामा बिन लादेन के एबटाबाद में मिलने का जिक्र
भारतीय प्रतिनिधि ने अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का उदाहरण देते हुए उसके पाकिस्तान के एबटाबाद में पाए जाने का उल्लेख किया। अमेरिकी अभियान में मई 2011 में उसकी मौत हुई थी। भारत ने इस मामले को यह सवाल उठाने के लिए सामने रखा कि अल-कायदा के वरिष्ठ सदस्य आबादी वाले इलाकों में लंबे समय तक कैसे मौजूद रहे।
खालिद शेख मोहम्मद की गिरफ्तारी का भी उल्लेख
भारतीय पक्ष ने 9/11 की साजिश के प्रमुख आरोपियों में शामिल खालिद शेख मोहम्मद का भी संदर्भ दिया। रिपोर्टों के मुताबिक उसे 2003 में पाकिस्तान के रावलपिंडी से गिरफ्तार किया गया था। भारत ने इन मामलों का उल्लेख करते हुए आतंकवादी नेटवर्क के लिए कथित सुरक्षित वातावरण और उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।

लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद का मुद्दा
बैठक में भारत ने अल-कायदा के अलावा लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों का भी उल्लेख किया। भारतीय पक्ष ने कहा कि आतंकवादी संगठनों के नेटवर्क और उन्हें मिलने वाले कथित समर्थन पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता दोहराई।
पाकिस्तान UNSC का गैर-स्थायी सदस्य
भारत का यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का गैर-स्थायी सदस्य है। बैठक में पाकिस्तान की ओर से भी अफगानिस्तान और आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखा गया। इससे पहले की UNSC बैठकों में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच आतंकवाद और अफगानिस्तान को लेकर आरोप-प्रत्यारोप सामने आते रहे हैं।

अफगान शरणार्थियों की सुरक्षित वापसी पर भारत का जोर
बैठक में भारत ने अफगान नागरिकों और शरणार्थियों की स्थिति का मुद्दा भी उठाया। भारतीय पक्ष ने जोर दिया कि अफगानों की वापसी सुरक्षित, स्वैच्छिक और सम्मानजनक तरीके से होनी चाहिए। भारत ने अफगानिस्तान के लोगों के लिए मानवीय सहायता जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।भारत ने अफगानिस्तान में स्थिरता, मानवीय सहायता और आतंकवाद से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत पर जोर दिया। संयुक्त राष्ट्र के रिकॉर्ड के अनुसार अफगानिस्तान की स्थिति पर सुरक्षा परिषद की बैठकों में आतंकवाद, मानवीय परिस्थितियों और क्षेत्रीय सुरक्षा लगातार प्रमुख विषय रहे हैं।
भारत-पाकिस्तान के बीच UNSC में जारी मतभेद
UNSC में भारत की टिप्पणी भारत-पाकिस्तान के बीच आतंकवाद और अफगानिस्तान को लेकर लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों की पृष्ठभूमि में आई है। भारत ने पाकिस्तान में मिले अल-कायदा नेताओं के उदाहरणों के जरिए आतंकवादी सुरक्षित ठिकानों का मुद्दा उठाया, जबकि पाकिस्तान विभिन्न बैठकों में भारत पर अफगानिस्तान के संदर्भ में आरोप लगाता रहा है। दोनों देशों के इन दावों और आरोपों को उनके संबंधित आधिकारिक पक्ष के रूप में देखा जाना चाहिए।
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