India Pakistan Ceasefire: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर यह दावा कर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल बढ़े तनाव को कम करने में निर्णायक भूमिका निभाई थी। ट्रंप के इस ताजा बयान के बाद भारत की राजनीति में विवाद फिर से तेज हो गया है और कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं।व्हाइट हाउस में अपने दूसरे कार्यकाल के पहले साल की उपलब्धियां गिनाते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में कई ऐसे संघर्ष रोके, जो खत्म होते नजर नहीं आ रहे थे। उन्होंने दावा किया कि केवल 10 महीनों के भीतर उन्होंने आठ बड़े टकरावों को शांत कराया, जिससे वैश्विक स्तर पर युद्ध की आशंका टली।
भारत-पाक तनाव पर ट्रंप का दावा
भारत और पाकिस्तान का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि दोनों देश एक-दूसरे पर हमले कर रहे थे और इस दौरान आठ विमान गिराए गए। उनके अनुसार, हालात तेजी से परमाणु युद्ध की ओर बढ़ रहे थे। ट्रंप ने दावा किया कि अगर उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो लाखों लोगों की जान जा सकती थी।ट्रंप ने अपने बयान में भारत-पाकिस्तान के अलावा कंबोडिया-थाईलैंड, कोसोवो-सर्बिया और इज़रायल-ईरान जैसे क्षेत्रों के तनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन सभी मामलों में उनकी सक्रिय भूमिका के चलते हालात नियंत्रण में आए और बड़े युद्ध टल गए।
कांग्रेस ने पीएम मोदी पर कसा तंज
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती पर व्यंग्य किया। उन्होंने लिखा कि ट्रंप अब तक करीब 70 बार यह दावा कर चुके हैं, लेकिन भारत सरकार ने इस पर कोई सख्त प्रतिक्रिया नहीं दी है।जयराम रमेश ने तंज कसते हुए कहा कि पहले यह संख्या 68 थी, लेकिन अब यह सीधे 70 तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि ट्रंप ने एक ही दिन में व्हाइट हाउस की प्रेस कॉन्फ्रेंस और बाद के सवाल-जवाब सत्र में दो बार यह दावा दोहराया।
ऑपरेशन सिंदूर का भी किया जिक्र
कांग्रेस नेता ने लिखा कि ट्रंप बार-बार यह कह रहे हैं कि 10 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के अचानक रुकने के पीछे वही जिम्मेदार थे। रमेश ने इसे प्रधानमंत्री मोदी के “अच्छे दोस्त” का दावा बताते हुए सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाया।प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि इन संघर्षों को रोकने के लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था। उन्होंने दावा किया कि भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध रोककर उन्होंने 15 से 20 मिलियन लोगों की जान बचाई, जो उनके अनुसार नोबेल से भी बड़ी उपलब्धि है।
भारत की पुरानी नीति और नया विवाद
गौरतलब है कि भारत सरकार लगातार यह दोहराती रही है कि पाकिस्तान से जुड़े किसी भी मुद्दे पर तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं है। इसके बावजूद 10 मई 2025 को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर यह घोषणा की थी कि वाशिंगटन की मध्यस्थता के बाद दोनों देश युद्धविराम पर सहमत हुए।कांग्रेस का आरोप है कि ट्रंप के इस तरह के बार-बार किए गए दावे भारत की संप्रभुता पर सवाल खड़े करते हैं। पार्टी का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी को इस मुद्दे पर स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाना चाहिए, ताकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति को लेकर कोई भ्रम न रहे।










