
Hockey News : एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (ACT) में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जापान को 4-1 से हरा दिया। मुकाबले के बाद भारतीय टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने जीत का श्रेय खिलाड़ियों के धैर्य, मानसिक मजबूती और संयम को दिया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी टीम ने अपनी रणनीति नहीं छोड़ी और आखिरी सीटी बजने तक जीत के लिए संघर्ष जारी रखा। पांच बार की चैंपियन और एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम को जापान ने शुरुआती तीन क्वार्टर में कड़ी टक्कर दी, लेकिन अंतिम क्वार्टर में भारत ने अपना दबदबा कायम कर लिया।
आखिरी क्वार्टर में बदला मैच का पूरा रुख
भारत और जापान के बीच मुकाबला शुरुआत से ही रोमांचक रहा। जापान ने भारतीय खिलाड़ियों को गोल करने के आसान मौके नहीं दिए। तीसरे क्वार्टर तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं। ऐसा लग रहा था कि मुकाबला बेहद करीबी रहने वाला है, लेकिन अंतिम 15 मिनट में भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक रुख अपनाया। टीम ने लगातार तीन गोल दागकर मैच 4-1 से अपने नाम कर लिया। अंतिम क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ियों की बेहतर रणनीति और आक्रामक खेल निर्णायक साबित हुआ।
हरमनप्रीत सिंह ने बताया जीत का असली मंत्र
मैच के बाद कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा कि टीम की योजना आखिरी सीटी तक अपने खेल और रणनीति पर कायम रहने की थी। भारतीय खिलाड़ियों ने कई बार जापान के गोल सर्कल में प्रवेश किया, लेकिन उन्हें ज्यादा पेनल्टी कॉर्नर हासिल नहीं हुए। ऐसी परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना और मानसिक रूप से मजबूत रहना जरूरी होता है। हरमनप्रीत के मुताबिक, दूसरे हाफ में भारतीय टीम ने गेंद पर अच्छा नियंत्रण बनाए रखा और लगातार आक्रमण किए। खिलाड़ियों को भरोसा था कि उन्हें गोल करने के मौके जरूर मिलेंगे।

शुरुआती तीन क्वार्टर में भी अच्छा खेल रही थी भारतीय टीम
हरमनप्रीत ने कहा कि केवल गोल नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि टीम का प्रदर्शन खराब था। शुरुआती तीन क्वार्टर में भी खिलाड़ियों ने अच्छा हॉकी खेला और कई अच्छे मौके बनाए। हालांकि, सामूहिक प्रयासों में कुछ छोटी गलतियां हुईं, जिन्हें अंतिम क्वार्टर में सुधार लिया गया। उन्होंने बताया कि टीम ने अपनी कमियों को पहचानकर बेहतर तालमेल के साथ आक्रमण किया और इसका नतीजा तीन अतिरिक्त गोल के रूप में सामने आया। कप्तान ने पूरे मुकाबले में मिले एकमात्र पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भी टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कोच क्रेग फुल्टन ने भी बताई जीत की रणनीति
भारतीय टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने माना कि जापान ने पहले हाफ में काफी अच्छा प्रदर्शन किया और भारतीय टीम को दबाव में रखा। उनके अनुसार, भारत ने विपक्षी गोल सर्कल के आसपास पर्याप्त मौके बनाए, लेकिन शुरुआती समय में उन्हें गोल में बदलने में सफलता नहीं मिली। दूसरे हाफ में टीम ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और लगभग 20 मिनट तक लगातार दबाव बनाए रखा। इसी दौरान भारत को दो से तीन महत्वपूर्ण गोल मिले, जिन्होंने मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया।
भारत की जीत में टीमवर्क और मानसिक मजबूती की अहम भूमिका
जापान के खिलाफ इस जीत ने भारतीय टीम के सामूहिक प्रदर्शन और दबाव में वापसी करने की क्षमता को दिखाया। कप्तान हरमनप्रीत और कोच क्रेग फुल्टन दोनों ने माना कि टीम ने धैर्य और बेहतर रणनीति के दम पर मुकाबला जीता। अंतिम क्वार्टर में खिलाड़ियों के आक्रामक खेल ने भारत को 4-1 की शानदार जीत दिलाई।











