
Uttarakhand News: लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर उत्तराखंड में राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया गया। शनिवार, 31 अक्टूबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के घंटाघर स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने देश के निर्माण में उनके योगदान को याद किया और कहा कि सरदार पटेल का जीवन राष्ट्र की एकता, दृढ़ इच्छाशक्ति और समर्पण की प्रेरणा देता है। उनकी जयंती देशभर में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है।
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560 से अधिक रियासतों को किया एकजुट
सरदार वल्लभभाई पटेल को आजाद भारत के एकीकरण का प्रमुख शिल्पकार माना जाता है। स्वतंत्रता के समय देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक अलग-अलग रियासतों को एकजुट कर मजबूत राष्ट्र का निर्माण करना था। सरदार पटेल ने अपनी राजनीतिक दूरदर्शिता, दृढ़ इच्छाशक्ति और कूटनीतिक कौशल के दम पर 560 से अधिक रियासतों के भारत में विलय की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों ने देश की भौगोलिक और राजनीतिक एकता को मजबूत आधार दिया। इसी योगदान के कारण उन्हें लौह पुरुष के नाम से जाना जाता है।
अखंड भारत की नींव मजबूत करने वाले नेता थे पटेल

मुख्यमंत्री धामी ने सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए देश की एकता और अखंडता के लिए उनके समर्पण को महत्वपूर्ण बताया। पटेल ने स्वतंत्रता के बाद देश को एक सूत्र में बांधने के लिए कठिन परिस्थितियों में काम किया। उनका मानना था कि मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए सभी क्षेत्रों और समुदायों का एकजुट होना जरूरी है। रियासतों के एकीकरण के उनके प्रयासों ने भारत को एक संगठित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। आज भी उनके विचार और कार्य देश की एकता के संदर्भ में प्रासंगिक माने जाते हैं।

राष्ट्रीय एकता दिवस पर सरदार पटेल का योगदान
हर साल 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है। इस दिन देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए लोगों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और आपसी सद्भाव का संदेश दिया जाता है। सरकारी संस्थानों, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों की ओर से भी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य लोगों को देश की एकता बनाए रखने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं सरदार पटेल के विचार
सरदार पटेल का जीवन प्रशासनिक क्षमता, नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण का उदाहरण माना जाता है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और आजादी के बाद देश के पहले उप प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। उनके नेतृत्व में रियासतों के एकीकरण का कार्य भारत के इतिहास की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। उनकी जयंती पर उन्हें याद करना केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व को श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि देश की एकता और अखंडता के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी है।
देहरादून में प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के घंटाघर पहुंचकर सरदार पटेल की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए और उनके प्रति सम्मान प्रकट किया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्र निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया। कार्यक्रम के माध्यम से एक बार फिर यह संदेश दिया गया कि देश की मजबूती उसकी एकता में निहित है। सरदार पटेल का जीवन और उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता रहेगा।
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