India Economy : विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक आकलन पेश किया है। उन्होंने कहा कि भारत मौजूदा 7-8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर से भी अधिक तेजी से आगे बढ़ने की क्षमता रखता है। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा से जुड़े दबाव, व्यापारिक अनिश्चितताओं और अल नीनो जैसी चुनौतियों के बावजूद बंगा ने भारत के हालिया आर्थिक प्रदर्शन को मजबूत और उत्साहजनक बताया।
7.8 प्रतिशत की वृद्धि में सेवाओं का योगदान
G20 वित्त मंत्रियों की बैठक से इतर बातचीत में अजय बंगा ने कहा कि भारत लगातार करीब 7-8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर्ज कर रहा है। उनके मुताबिक यह प्रदर्शन अपने आप में काफी अच्छा है और आने वाले समय में देश के पास इससे बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता भी मौजूद है। उन्होंने हालिया 7.8 प्रतिशत की वृद्धि में सेवाओं और निर्यात की महत्वपूर्ण भूमिका बताई।
निवेश से भी मिल रही अर्थव्यवस्था को मजबूती
बंगा ने कहा कि भारत की आर्थिक गतिविधियों में निवेश भी मजबूत बना हुआ है। सेवाओं, निर्यात और निवेश का बेहतर प्रदर्शन अर्थव्यवस्था की अंदरूनी मजबूती को दर्शाता है। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि केवल विकास दर के आंकड़ों को देखना पर्याप्त नहीं है। आर्थिक प्रगति का वास्तविक फायदा रोजगार और लोगों के लिए नए अवसर पैदा करने के रूप में दिखाई देना चाहिए।
युवाओं के लिए रोजगार सबसे अहम मुद्दा
विश्व बैंक अध्यक्ष ने कहा कि आर्थिक वृद्धि का मूल्यांकन केवल किसी एक तिमाही के आंकड़ों के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। असली चुनौती यह है कि तेज आर्थिक विकास को रोजगार सृजन और युवाओं के बेहतर भविष्य से जोड़ा जाए। भारत जैसे युवा देश में आर्थिक विस्तार तभी अधिक प्रभावी माना जाएगा, जब इसके परिणाम बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार और आय के अवसर उपलब्ध कराने में दिखाई दें।
रोजगार के लिए तीन प्रमुख स्तंभ
बंगा ने रोजगार बढ़ाने के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान देने की जरूरत बताई। इनमें भौतिक और मानव बुनियादी ढांचे का विकास, नियामकीय सुधार तथा निजी पूंजी का प्रभावी इस्तेमाल शामिल है। उनका मानना है कि इन क्षेत्रों को मजबूत करके भारत आर्थिक विकास के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ शिक्षा पर भी ध्यान
अजय बंगा के मुताबिक भारत सड़क, पुल, हवाई अड्डे, बिजली, पानी और डिजिटल बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में बड़े स्तर पर निवेश और काम कर रहा है। हालांकि, उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना है कि भविष्य की नौकरियों के अनुरूप युवाओं की स्किलिंग और शिक्षा व्यवस्था को तैयार करना आवश्यक है।
श्रम सुधारों का राज्यों में असर जरूरी
नियामकीय सुधारों की चर्चा करते हुए बंगा ने केंद्र सरकार की ओर से किए गए हालिया श्रम कानूनों में बदलाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का वास्तविक लाभ तभी सामने आएगा, जब राज्यों में इन्हें प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा। उनके अनुसार, कुछ वर्ष पहले की स्थिति की तुलना में यह महत्वपूर्ण प्रगति है।
निजी क्षेत्र और MSME की अहम भूमिका
बंगा ने रोजगार निर्माण में निजी क्षेत्र को प्रमुख माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का काम ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिसमें निजी क्षेत्र आसानी से कारोबार और रोजगार का विस्तार कर सके। इस प्रक्रिया में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम यानी MSME क्षेत्र की भूमिका भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध करा सकता है।
इन क्षेत्रों में रोजगार की बड़ी संभावनाएं
विश्व बैंक प्रमुख ने इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन और मूल्यवर्धित विनिर्माण को रोजगार पैदा करने वाले प्रमुख क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि भारत की ताकत खनिज, धातु और फैशन जैसे क्षेत्रों में भी है। बंगा ने बताया कि उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ पर्यटन और MSME क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं पर चर्चा की है।
संकट के दौरान MSME को वित्तीय मदद
ईरान में युद्ध के बाद पैदा हुए संकट का जिक्र करते हुए बंगा ने बताया कि विश्व बैंक ने भारतीय कारोबारों की सहायता के लिए तेजी से कदम उठाए। उनके अनुसार, भारतीय MSME क्षेत्र के लिए व्यापार वित्त के तौर पर लगभग 3 अरब डॉलर से अधिक की फंडिंग उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि भारत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और कृषि के अनुभवों के जरिए दूसरे देशों के लिए विकास संबंधी ज्ञान का महत्वपूर्ण स्रोत बन रहा है।
2047 के लक्ष्य में वैश्विक भूमिका भी अहम
अजय बंगा के मुताबिक 2047 तक भारत के विकास लक्ष्यों को हासिल करने की सफलता केवल घरेलू आर्थिक वृद्धि पर निर्भर नहीं होगी। वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत की बढ़ती भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। उनके आकलन में मजबूत आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, कौशल विकास और वैश्विक भागीदारी मिलकर भारत की दीर्घकालिक विकास यात्रा को नई दिशा दे सकते हैं।
Read More : Ghaziabad Polio Alert: गाजियाबाद में पोलियो वायरस ने बढ़ाई चिंता, 21 विदेशी अधिकारियों की टीम पहुंची










