Haryana News: अवैध जमीन खरीद-फरोख्त मामले में बड़ा खुलासा, हरियाणा में 112 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट

हरियाणा के पलवल में शामलात भूमि की अवैध खरीद-फरोख्त के मामले में सतर्कता ब्यूरो ने 7 अधिकारियों समेत 112 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

सितम्बर 2, 2026

Haryana News: हरियाणा में सरकारी और शामलात जमीनों की अवैध खरीद-फरोख्त के मामलों पर शिकंजा कसते हुए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (फरीदाबाद) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पलवल जिले के होडल तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम फास्टकू नगर की शामलात देह भूमि को राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर अवैध रूप से बेचने, खरीदने और सरकारी राजकोष को भारी नुकसान पहुंचाने के मामले में माननीय न्यायालय में कुल 112 आरोपियों के खिलाफ चालान (चार्जशीट) पेश कर दिया गया है।

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सात तत्कालीन अधिकारियों समेत 112 आरोपी शामिल

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा प्रस्तुत की गई इस चार्जशीट में सरकारी तंत्र और निजी लोगों की मिलीभगत की परतें खोली गई हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में कुल 7 तत्कालीन सरकारी अधिकारी और कर्मचारी नामजद किए गए हैं। इनमें होडल के तत्कालीन तहसीलदार नरेश जोवल, मनबीर सिंह और ओम प्रकाश गोदारा, तत्कालीन रजिस्ट्री क्लर्क भगवान सिंह व भूप सिंह, तत्कालीन पटवारी ताराचंद और तत्कालीन गिरदावर वीरेंद्र सिंह शामिल हैं। इसके अलावा, इस घोटाले में शामिल 105 अन्य ग्रामीण, भूमि विक्रेता और खरीदार भी आरोपी बनाए गए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं (420, 120-बी, 409, 467, 468, 471), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा पंजाब विलेज कॉमन लैंड एक्ट, 1961 की धारा 13-ए के तहत अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पलवल (श्री प्रतीक जैन) की अदालत में चालान पेश किया गया है।

उच्च न्यायालय के आदेशों पर शुरू हुई थी गहन जांच

इस पूरे मामले की शुरुआत पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ के आदेशों के अनुपालन से हुई थी। सी.डब्ल्यूपी. नंबर 10058 ऑफ 2010 और सी.डब्ल्यूपी. नंबर 8160 ऑफ 2011 में दिए गए निर्देशों के आधार पर विजिलेंस ने जांच का दायरा बढ़ाया था। शुरुआत में मैसर्स क्रिस्टल बायोटेक कंपनी द्वारा गांव अतवा (पलवल) की शामलात भूमि की खरीद से जुड़ा मामला सामने आया था, जिसके बाद 14 मई 2012 को गुरुग्राम में मुकदमा दर्ज किया गया था। उच्च न्यायालय के निर्देश थे कि पलवल जिले के अन्य गांवों में भी यदि शामलात भूमि से जुड़ी वसिकाएं (सेल डीड) गलत पाई जाती हैं, तो उनकी गहराई से जांच की जाए।

11 फर्जी वसिकाओं के जरिए बेची गई 1856 कनाल भूमि

जांच प्रक्रिया के दौरान पलवल में ग्राम फास्टकू नगर की शामलात भूमि का बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। जांच में यह तथ्य सामने आया कि कुल 11 वसिकाओं के माध्यम से फास्टकू नगर की 1,856 कनाल 13 मरला शामलात भूमि को ग्रामवासियों ने राजस्व अधिकारियों के साथ सांठगांठ करके अवैध तरीके से बेच दिया। राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इन फर्जी वसिकाओं का पंजीकरण किया और नियम विरुद्ध इंतकाल भी दर्ज किए, जिससे सरकारी संपत्ति को भारी क्षति पहुंची। आरोपों की पुष्टि होने के बाद 10 नवंबर 2022 को थाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (फरीदाबाद) में अभियोग संख्या 36 दर्ज किया गया था। ब्यूरो की इस सख्त कार्रवाई से भू-माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार और सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग के खिलाफ यह कदम राज्य में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो रहा है।

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