Disha Salian Case: मुंबई की बहुचर्चित दिशा सालियान मौत का मामला एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा इस पूरे प्रकरण में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एफआईआर दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिए जाने के बाद राज्य की राजनीति और कानूनी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अदालत के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाए और मीडिया के सामने फफक पड़े। उन्होंने न्यायपालिका का आभार व्यक्त करते हुए इसे ‘सच्चाई की जीत’ करार दिया है।
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न्याय मिलने पर छलके पिता के आंसू
फैसला आने के बाद मीडिया से बात करते हुए सतीश सालियान बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने नम आंखों से कहा कि उन्होंने बेटी की मौत के समय भी कभी आंसू नहीं बहाए थे, लेकिन आज अदालत के फैसले ने उन्हें झकझोर दिया है। सतीश सालियान ने अदालत के प्रति कृतज्ञता जताते हुए कहा, “मैंने जज साहब से कहा कि मैं उनका आभारी हूं। आप सभी की दुआओं और सहयोग की वजह से मुझे और मेरे परिवार को न्याय की किरण दिखाई दी है।” उन्होंने आगे कहा कि वह अपने वकीलों की सलाह के अनुसार ही आगे की कानूनी कदम उठाएंगे। उन्होंने वकील नीलेश ओझा और उनकी पूरी कानूनी टीम का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और संघर्ष के कारण ही आज यह दिन देखने को मिला है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे सच्चाई की इस लड़ाई को भविष्य में भी पूरी ताकत से जारी रखेंगे।
राम कदम ने उद्धव ठाकरे सरकार पर साधा निशाना
बॉम्बे हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता राम कदम ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए तत्कालीन उद्धव ठाकरे नीत महा विकास अघाड़ी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राम कदम ने कहा कि न्यायपालिका ने आखिरकार दिशा सालियान के परिवार को न्याय दिला दिया है, जिससे यह साबित होता है कि ‘भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं।’
बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि दिशा के पिता खुद यह कह रहे हैं कि उनकी बेटी की सामान्य मौत नहीं हुई थी, बल्कि उसे प्रताड़ित कर उसकी हत्या की गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि उस समय की सरकार आखिर किसे बचाने की कोशिश कर रही थी और इस संवेदनशील मामले को रातोंरात दबाने की साजिश क्यों रची गई थी? राम कदम ने मांग की कि अब जब मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है, तो उद्धव ठाकरे समेत जिन-जिन प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया गया था, उन सबको कानून के कटघरे में खड़ा होना होगा और जनता को जवाब देना होगा। इस नए कानूनी मोड़ के बाद यह तय माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े कई और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं।
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