IND W vs AUS W: ब्रिसबेन के मैदान पर खेले गए पहले एकदिवसीय मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम ने भारतीय टीम पर अपना वर्चस्व कायम रखा। भारतीय महिलाओं द्वारा दिए गए 215 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने मात्र 4 विकेट खोकर और 70 गेंदें शेष रहते ही इस लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया। इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त बना ली है, जिससे भारतीय टीम अब दबाव में नजर आ रही है।
भारतीय बल्लेबाजी की लड़खड़ाती शुरुआत: शीर्ष क्रम का फ्लॉप शो
मैच की शुरुआत में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का साहसी निर्णय लिया, लेकिन यह फैसला शुरुआत में सही साबित नहीं हुआ। टीम इंडिया की ओपनिंग जोड़ी ने निराश किया; खाता खुलने से पहले ही सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल पवेलियन लौट गईं। इसके कुछ ही देर बाद, जब टीम का स्कोर केवल 25 रन था, शेफाली वर्मा भी अपना विकेट गंवा बैठीं। संकट तब और गहरा गया जब जेमिमा रोड्रिग्ज भी टिक नहीं सकीं और भारत ने 11.2 ओवर में मात्र 52 रनों पर अपने तीन मुख्य विकेट खो दिए।
मंधाना और हरमनप्रीत का संघर्ष: अर्धशतकीय पारियों ने संभाली पारी
शुरुआती झटकों के बाद अनुभवी सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने मोर्चा संभाला। उन्होंने एक छोर थामे रखा और कुछ बेहतरीन बाउंड्री लगाकर रन गति को बनाए रखा। उन्हें कप्तान हरमनप्रीत कौर का अच्छा साथ मिला और दोनों ने मिलकर पारी को स्थिरता प्रदान की। स्मृति मंधाना ने 68 गेंदों पर 58 रन (7 चौके) की जुझारू पारी खेली। मंधाना के आउट होने के बाद कप्तान हरमनप्रीत ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई और 84 गेंदों पर 53 रन बनाए। हालांकि, इन दोनों बल्लेबाजों के अलावा मध्यक्रम का कोई भी खिलाड़ी क्रीज पर समय नहीं बिता सका।
लोअर ऑर्डर की विफलता: भारत 50 ओवर भी नहीं खेल सका
स्मृति और हरमनप्रीत के अर्धशतकों के बावजूद भारतीय टीम एक विशाल स्कोर खड़ा करने में विफल रही। दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष जैसे खिलाड़ियों से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वे ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने बेबस नजर आईं। नतीजा यह हुआ कि भारतीय टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल पाई और 48.3 ओवर में 214 रनों पर सिमट गई। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने सटीक लाइन-लेंथ के साथ गेंदबाजी की और भारतीय बल्लेबाजों को हाथ खोलने का मौका नहीं दिया, जिससे भारत एक चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाने से चूक गया।
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों का प्रहार: हीली और मूनी की मैच जिताऊ पारियां
215 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शुरू से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना लिया। कप्तान एलिसा हीली ने कप्तानी पारी खेलते हुए शानदार अर्धशतक जड़ा और टीम को आक्रामक शुरुआत दी। उनके जाने के बाद बेथ मूनी ने कमान संभाली और 76 रनों की धैर्यपूर्ण पारी खेलकर टीम की जीत सुनिश्चित की। भारतीय गेंदबाज ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहे। ऑस्ट्रेलिया ने 38.2 ओवर में ही लक्ष्य प्राप्त कर लिया और सीरीज के आगाज को अपने नाम किया।
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