Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य के प्रशासनिक तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के ढांचे में विस्तार करते हुए नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इस निर्णय का उद्देश्य आयोग के बढ़ते कार्यभार को संतुलित करना और भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। यह संशोधन हरियाणा लोक सेवा आयोग (ग्रुप-बी) राज्य सेवा विनियम, 1999 में किया गया है, जिसकी आधिकारिक अधिसूचना राज्य सरकार द्वारा जारी कर दी गई है।
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मुख्यमंत्री सैनी की अध्यक्षता में हुआ था निर्णय
इस महत्वपूर्ण फैसले को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई थी। बैठक में यह माना गया कि हाल के वर्षों में HPSC पर परीक्षाओं और भर्तियों का दबाव काफी बढ़ गया है, जिसके चलते प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करना आवश्यक हो गया है। निर्णय के बाद राज्य के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा संबंधित अधिसूचना जारी की गई, जिससे यह बदलाव औपचारिक रूप से लागू हो गया है।
सुपरिंटेंडेंट और अकाउंट्स ऑफिसर के नए पद स्वीकृत
संशोधन के तहत आयोग में दो नए सुपरिंटेंडेंट पद और एक नया अकाउंट्स ऑफिसर पद स्वीकृत किया गया है। इस विस्तार के बाद सुपरिंटेंडेंट के पदों की संख्या बढ़कर कुल सात हो जाएगी, जबकि अकाउंट्स ऑफिसर का एक अतिरिक्त पद भी आयोग की संरचना में शामिल किया गया है। इन नए पदों के जुड़ने से प्रशासनिक स्तर पर कार्यों का बेहतर वितरण संभव होगा और फाइलों के निपटारे की प्रक्रिया पहले की तुलना में तेज हो सकेगी।
भर्ती प्रक्रियाओं में आएगी तेजी और पारदर्शिता
सरकार का मानना है कि हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मौजूदा संसाधन कई बार पर्याप्त नहीं हो पाते, जिससे कार्यों में देरी की संभावना बनी रहती है। नए पदों के सृजन से न केवल कार्यभार कम होगा, बल्कि ग्रुप-ए और ग्रुप-बी श्रेणी की भर्तियों को अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सकेगा। इससे अभ्यर्थियों को भी समय पर परिणाम और प्रक्रिया संबंधी जानकारी मिलने में आसानी होगी।
प्रशासनिक क्षमता में सुधार की दिशा में कदम
यह निर्णय राज्य सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत प्रशासनिक संस्थाओं को आधुनिक और सक्षम बनाया जा रहा है। HPSC जैसे महत्वपूर्ण आयोग की कार्यक्षमता बढ़ने से राज्य की भर्ती प्रणाली और अधिक मजबूत होगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और तेज गति से पूरी हो, जिससे योग्य उम्मीदवारों को समय पर अवसर मिल सके और सरकारी विभागों में रिक्त पदों की पूर्ति तेजी से हो।










