Heatwave Alert: देश के कई हिस्सों में इन दिनों गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। तेज धूप, गर्म हवाओं और लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। खासकर पूर्वी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में गर्मी का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। यहां दिन के समय घर से बाहर निकलना लोगों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मैदानी इलाकों के कई शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 5 डिग्री सेल्सियस या उससे भी अधिक दर्ज किया गया है।
Weather Update India : कहीं भीषण गर्मी तो कहीं झमाझम बारिश, मौसम विभाग ने जारी की बड़ी चेतावनी
रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को देश के कई शहरों में पारा खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। इनमें खजुराहो और बांदा सबसे ज्यादा गर्म रहे, जहां अधिकतम तापमान 48.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा विदर्भ के वर्धा में 47.1 डिग्री सेल्सियस, हरियाणा के रोहतक में 46.9 डिग्री सेल्सियस और नागपुर में 46.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। पश्चिमी राजस्थान का श्रीगंगानगर भी 46.5 डिग्री सेल्सियस के साथ भीषण गर्मी की चपेट में रहा। वहीं अमरावती में 46.4 डिग्री सेल्सियस, चंद्रपुर और हमीरपुर में 46.2 डिग्री सेल्सियस तथा ओडिशा के झारसुगुड़ा में 46.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
इन आंकड़ों से साफ है कि इस बार गर्मी का असर केवल दिल्ली-एनसीआर या उत्तर भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि मध्य भारत, विदर्भ, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और ओडिशा तक भीषण लू का प्रकोप फैला हुआ है। कई इलाकों में दोपहर के समय सड़कें सुनसान नजर आ रही हैं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
क्यों बढ़ रही है इतनी भीषण गर्मी?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल मार्च और अप्रैल से ही गर्मी ने तेज रूप दिखाना शुरू कर दिया था। इसके पीछे अल नीनो के प्रभाव को एक अहम कारण माना जा रहा है। अल नीनो एक वैश्विक समुद्री-वायुमंडलीय घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर की सतह का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है। इसका असर दुनिया के कई देशों के मौसम चक्र पर पड़ता है। भारत में भी इसके कारण प्री-मानसून बारिश कमजोर पड़ सकती है और गर्म, सूखी हवाओं का असर बढ़ जाता है।
प्री-मानसून बारिश की कमी और लगातार चल रही गर्म पछुआ हवाओं ने मैदानी इलाकों को और ज्यादा तपाना शुरू कर दिया है। नमी की कमी के कारण जमीन तेजी से गर्म हो रही है और तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। यही वजह है कि कई शहरों में लू जैसे हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।
लू और गर्मी से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
भीषण गर्मी के इस दौर में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए दिनभर पर्याप्त पानी, छाछ, नींबू पानी या ओआरएस जैसे पेय पदार्थ लेते रहें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और बाहर जाते समय सिर को टोपी, गमछे या छाते से ढकें।
बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को धूप में जाने से बचाना चाहिए, क्योंकि इन्हें लू लगने का खतरा अधिक होता है। यदि चक्कर आना, कमजोरी, तेज बुखार, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। गर्मी से बचाव ही इस समय सबसे बड़ा उपाय है।
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