Health Tips: भारत में डायबिटीज तेजी से बढ़ती स्वास्थय समस्या बन चुकी है। ऐसे में एक रिपोर्ट के अनुसार देश में करोड़ों वयस्क अनियंत्रित ब्लड शुगर से जुझ रहे हैं। बता दें कि, 20 से 79 वर्ष आयु वर्ग में यह बीमारी लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण भारत को अक्सर “डायबिटीज कैपिटल” भी कहा जाता है। ऐसे में रोजमर्रा के भोजन में क्या शामिल करें और क्या नहीं, यह सवाल बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। खासकर आलू और शकरकंद को लेकर लोगों के मन में असमंजस रहता है कि ब्लड शुगर के मरीजों के लिए कौन-सा विकल्प ज्यादा सुरक्षित है।
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कितने तरीके के आलू?

आपको बता दें कि, सबसे पहले ये समझना बेहद जरूरी है कि सभी आलू एक तरीके के गुण वाले नहीं होते हैं। भारत में अलग-अलग किस्म के आलू उपलब्ध हैं और उनमें पोषक तत्वों व स्टार्च की मात्रा अलग-अलग होती है। एक शोध में सेंट्रल पोटैटो रिसर्च इंस्टीट्यूट, शिमला द्वारा 46 भारतीय किस्मों का अध्ययन किया गया।
इस अध्ययन में पाया गया कि कुछ किस्में, जैसे कुफरी आनंद, कुफरी अरुण और कुफरी नीला, ऐसी विशेषताओं से युक्त हैं जो कार्बोहाइड्रेट के पाचन की प्रक्रिया को धीमा कर सकती हैं। इससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता। इसका मतलब यह नहीं है कि हर आलू डायबिटीज रोगियों के लिए हानिकारक है। सही किस्म और सीमित मात्रा में सेवन से आलू भी संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है।
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आलू का ग्लाइसेमिक इंडेक्स और प्रभाव
सामान्य तौर पर 100 ग्राम आलू में लगभग 17 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) अपेक्षाकृत अधिक होता है, खासकर जब इसे उबाला या तला जाए। उबले आलू का GI लगभग 78 से 82 तक पहुंच सकता है, जबकि तले हुए आलू का असर और भी ज्यादा हो सकता है। हालांकि, अगर उबले आलू को ठंडा कर लिया जाए, तो उसका GI कुछ हद तक कम हो जाता है। इसलिए डायबिटीज मरीजों के लिए यह जरूरी है कि वे आलू को सीमित मात्रा में और सही तरीके से पकाकर खाएं।
शकरकंद में मौजूद खास पोषक तत्व

दूसरी ओर, शकरकंद को अक्सर ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक विकल्प माना जाता है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी में प्रकाशित शोध के अनुसार, शकरकंद में कैरोटेनॉइड्स, एंथोसायनिन्स और फेनोलिक एसिड जैसे बायोएक्टिव तत्व पाए जाते हैं। ये तत्व इंसुलिन रेजिस्टेंस कम करने और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मददगार हो सकते हैं। 100 ग्राम शकरकंद में लगभग 20 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है, लेकिन इसका GI आमतौर पर 44 से 61 के बीच रहता है, जो आलू की तुलना में कम है। इसके अलावा इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर में शुगर के अवशोषण को धीमा करता है। शकरकंद विटामिन ए, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भी भरपूर होता है।
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डायबिटीज मरीज क्या करें?
अगर प्राथमिकता ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना है, तो शकरकंद अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प हो सकता है। फिर भी आलू को पूरी तरह त्यागने की जरूरत नहीं है। मात्रा पर नियंत्रण रखें, तले हुए आलू से बचें और इसे दाल-सब्जी या प्रोटीन युक्त भोजन के साथ संतुलित रूप में शामिल करें।









