Haryana News: हरियाणा में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) के तहत बड़ा अपडेट सामने आया है। ऐसे में चुनाव आयोग की ओर से किए गए सत्यापन अभियान के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच की गई, जिसके बाद करीब 33.84 लाख मतदाता ऐसे पाए गए हैं, जिनके नाम फिलहाल प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। यह संख्या राज्य के कुल मतदाताओं का लगभग 16 प्रतिशत मानी जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन प्रक्रिया के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें मतदाता अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले। इसके अलावा कई लोग दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो चुके थे, कुछ मतदाताओं का निधन हो चुका था और कई नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए। इन्हीं कारणों के आधार पर इन नामों को प्रारंभिक सूची से बाहर रखा गया है।
31 जुलाई को जारी होगी प्रारूप मतदाता सूची
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 31 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद जिन नागरिकों को सूची में किसी प्रकार की त्रुटि दिखाई देती है या जिनका नाम शामिल नहीं है, वे दावा और आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। चुनाव आयोग ने इसके लिए 31 जुलाई से 30 अगस्त तक का समय निर्धारित किया है। इस अवधि के दौरान प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों की जांच की जाएगी। अधिकारियों द्वारा प्रत्येक आवेदन का सत्यापन करने के बाद 28 सितंबर तक उनका निपटारा किया जाएगा। इसके बाद सभी संशोधनों को शामिल करते हुए 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
नाम नहीं है तो फॉर्म-6 के जरिए करें आवेदन
यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में नहीं है, तो उसे चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे लोग फॉर्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं यदि किसी व्यक्ति का नाम सूची से हटवाना हो या किसी नाम पर आपत्ति दर्ज करनी हो, तो उसके लिए फॉर्म-7 का उपयोग किया जाएगा। यदि मतदाता अपने नाम, पते, फोटो या अन्य व्यक्तिगत जानकारी में सुधार करवाना चाहते हैं, तो उन्हें फॉर्म-8 भरना होगा। इन सभी प्रक्रियाओं के माध्यम से मतदाता अपनी जानकारी को सही और अद्यतन करा सकते हैं।
फरीदाबाद और गुरुग्राम सबसे ज्यादा प्रभावित
जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो फरीदाबाद सबसे अधिक प्रभावित जिला बनकर सामने आया है। यहां करीब 5.09 लाख मतदाताओं के नाम प्रारंभिक सूची से बाहर होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद गुरुग्राम में लगभग 4.01 लाख, सोनीपत में 2.44 लाख, करनाल में 2.12 लाख और पानीपत में करीब 1.89 लाख मतदाताओं के नाम सूची से बाहर होने की आशंका है। प्रतिशत के आधार पर भी फरीदाबाद, गुरुग्राम और पंचकूला सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं। इन जिलों में सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में रिकॉर्ड में विसंगतियां सामने आई हैं।
डिजिटाइजेशन में कुछ जिलों का बेहतर प्रदर्शन
मतदाता सूची के डिजिटाइजेशन और रिकॉर्ड अपडेट करने के कार्य में राज्य के कुछ जिलों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। फतेहाबाद, महेंद्रगढ़ और चरखी दादरी को इस प्रक्रिया में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल किया गया है। वहीं गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला अभी भी डिजिटाइजेशन और रिकॉर्ड अपडेट के मामले में अपेक्षाकृत पीछे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन जिलों में भी प्रक्रिया को तेज़ी से पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि अंतिम मतदाता सूची अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाई जा सके।
समय रहते कराएं अपना नाम और विवरण सत्यापित
चुनाव आयोग ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे प्रारूप मतदाता सूची जारी होने के बाद अपना नाम और विवरण अवश्य जांचें। यदि किसी प्रकार की त्रुटि मिलती है या नाम सूची में नहीं है, तो निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित फॉर्म भरकर दावा या आपत्ति दर्ज कराएं। इससे अंतिम मतदाता सूची में सही जानकारी शामिल हो सकेगी और मतदान के समय किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।










