Haryana News: प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में रैंडम टोकन सिस्टम लागू, वीआईपी कल्चर पर लगेगी रोक

हरियाणा सरकार ने प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए रैंडम टोकन सिस्टम लागू कर दिया है। नए सिस्टम का उद्देश्य वीआईपी कल्चर खत्म करना, पारदर्शिता बढ़ाना और सभी आवेदकों को समान अवसर देना है। आखिर यह व्यवस्था कैसे काम करेगी और आम लोगों को इससे क्या फायदा मिलेगा, जानिए पूरी रिपोर्ट।

प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में रैंडम टोकन सिस्टम लागू

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 4, 2026

Haryana News: संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए सरकार ने एक नई व्यवस्था लागू की है। अब तहसील और उप-मंडल स्तर पर स्थित प्रत्येक रजिस्ट्रेशन कार्यालय में रोजाना केवल 20 टोकन जारी किए जाएंगे। खास बात यह है कि ये टोकन पहले आओ-पहले पाओ या किसी सिफारिश के आधार पर नहीं, बल्कि रैंडम तरीके से दिए जाएंगे। यह नई प्रणाली गुरुवार से पूरे राज्य में लागू कर दी गई है।

इस बदलाव का उद्देश्य पंजीकरण कार्यालयों में होने वाली भीड़, अव्यवस्था और पक्षपात की शिकायतों को कम करना है। अब आवेदकों को टोकन पाने के लिए किसी बिचौलिए, एजेंट या सिफारिश पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। रैंडम टोकन सिस्टम से हर आवेदक को समान अवसर मिलेगा और प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।

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सभी जिलों को सख्ती से निर्देश

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने इस नई व्यवस्था को लेकर सभी जिलों के उपायुक्तों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि जिला मुख्यालय और उप-मंडल स्तर के रजिस्ट्रार कार्यालयों में प्रतिदिन 20-20 टोकन रैंडम आधार पर ही जारी किए जाएं। इसके पालन में किसी भी तरह की लापरवाही या मनमानी स्वीकार नहीं की जाएगी।

डॉ. मिश्रा के अनुसार, इस व्यवस्था से अपॉइंटमेंट प्रक्रिया में निष्पक्षता आएगी। किसी व्यक्ति को पहले से विशेष लाभ नहीं मिल पाएगा और न ही किसी प्रभावशाली व्यक्ति या सिफारिश के आधार पर टोकन तय किया जा सकेगा। इससे आम नागरिकों का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत होगा।

बिचौलियों और एजेंटों का खेल होगा खत्म

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा असर बिचौलियों और एजेंटों पर पड़ने की संभावना है। अक्सर संपत्ति पंजीकरण के नाम पर आम लोगों से अतिरिक्त पैसे लेने, जल्दी काम कराने के दावे करने या टोकन दिलाने के नाम पर शोषण की शिकायतें सामने आती थीं। अब रैंडम टोकन सिस्टम लागू होने के बाद ऐसे दावों की गुंजाइश काफी कम हो जाएगी।

सरकार का मानना है कि जब टोकन पूरी तरह रैंडम तरीके से जारी होंगे, तो कोई भी व्यक्ति यह दावा नहीं कर सकेगा कि वह किसी को विशेष टोकन या जल्दी अपॉइंटमेंट दिला सकता है। इससे भ्रष्टाचार और अनावश्यक दबाव की स्थिति पर भी रोक लगेगी।

वीआईपी कल्चर पर भी लगेगी लगाम

इस नई प्रणाली से वीआईपी कल्चर पर भी प्रभावी रोक लगने की उम्मीद है। अब संपत्ति रजिस्ट्रेशन के लिए सभी आवेदकों को समान प्रक्रिया से गुजरना होगा। न लाइन में आगे निकलने की गुंजाइश रहेगी और न ही सिफारिश के आधार पर काम करवाने की सुविधा।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन लोगों को टोकन मिलेगा, उनका काम तय समय के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा। इससे लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी।

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उप-तहसील स्तर पर पुरानी व्यवस्था जारी

हालांकि, यह बदलाव उप-तहसील स्तर पर लागू नहीं किया गया है। उप-तहसीलों में पहले से चल रही व्यवस्था फिलहाल जारी रहेगी। नई व्यवस्था केवल तहसील और उप-मंडल स्तर के रजिस्ट्रेशन कार्यालयों में लागू की गई है।