Haryana News: हरियाणा में पंचायतों को बड़ी ताकत, पानी सप्लाई पर मिलेगा पूरा नियंत्रण

हरियाणा सरकार ने पंचायतों को पानी सप्लाई और सीवरेज व्यवस्था का पूरा नियंत्रण देने का बड़ा फैसला लिया है। नई नीति के तहत पंचायतें अब अवैध कनेक्शन काटने से लेकर जुर्माना लगाने तक की कार्रवाई कर सकेंगी। आखिर सरकार की इस योजना के पीछे क्या रणनीति है, इसे लेकर लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है।

हरियाणा में पंचायतों को बड़ी ताकत

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मई 17, 2026

Haryana News: Haryana सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल और सीवरेज व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक नई पहल शुरू की है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से लागू की गई नई ऑपरेशनल पॉलिसी के तहत अब पंचायतों को पानी सप्लाई और सीवरेज सिस्टम की निगरानी और संचालन के अधिक अधिकार दिए गए हैं। इस फैसले से गांवों में जल प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है। नई नीति के तहत पंचायतें अब पानी की दरों में बदलाव कर सकेंगी, नए शुल्क लागू कर पाएंगी और अवैध पानी कनेक्शन काटने जैसी कार्रवाई भी कर सकेंगी।

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पहले चरण में 4 हजार गांवों में लागू होगी योजना

सरकार इस योजना को दो चरणों में लागू करेगी। पहले चरण में उन करीब 4 हजार गांवों को शामिल किया जाएगा, जहां केवल एक ग्राम पंचायत कार्यरत है। इसके बाद दूसरे चरण में उन पंचायतों को जोड़ा जाएगा, जहां एक से अधिक गांव शामिल हैं। इस योजना का उद्देश्य गांव स्तर पर जल व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाना और पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाना है ताकि छोटी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही हो सके।

पांच सदस्यीय समिति करेगी निगरानी

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक पंचायत में एक पांच सदस्यीय ग्राम जल एवं सीवरेज समिति बनाई जाएगी। इस समिति में जनस्वास्थ्य विभाग के जूनियर इंजीनियर, ग्राम सचिव, पंप ऑपरेटर और पंचायत के जागरूक नागरिकों को शामिल किया जाएगा।

यह समिति गांव में नई पाइपलाइन बिछाने, खराब पाइपों की मरम्मत, पानी की सप्लाई की निगरानी और सीवरेज व्यवस्था से जुड़े कार्यों की देखरेख करेगी। इसके अलावा ग्राम सभा के माध्यम से नए प्रस्ताव भी पास किए जा सकेंगे।

पंचायतों को मिले सख्त अधिकार

नई नीति के अनुसार पंचायतों को अवैध पानी कनेक्शन काटने का अधिकार दिया गया है। यदि किसी घर या संस्थान में दूषित या अनियमित कनेक्शन पाया जाता है, तो पंचायत उस पर कार्रवाई कर सकेगी।

इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने और जरूरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार भी पंचायतों को दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे पानी की बर्बादी और अवैध उपयोग पर रोक लगेगी।

महिलाओं को भी मिलेगा रोजगार

योजना के तहत महिलाओं को भी रोजगार के अवसर दिए जाएंगे। हर 500 घरों पर एक महिला को नियुक्त किया जाएगा, जो पानी के कनेक्शन, बिल वसूली और पानी के नमूने लेने जैसे कार्य करेगी। यदि किसी पंचायत में 500 से अधिक घर होंगे, तो वहां अतिरिक्त महिलाओं की नियुक्ति की जाएगी। सरकार इन महिलाओं को प्रोत्साहन राशि भी देगी और पंचायतें उनके बैंक खाते खुलवाने में सहायता करेंगी।

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पांच साल के लिए होंगे समझौते

यह पूरी योजना गवर्नमेंट कम्युनिटी पार्टनरशिप (GCP) मॉडल के तहत लागू की जाएगी। पंचायतों और जनस्वास्थ्य विभाग के बीच पांच वर्षों के लिए समझौते किए जाएंगे ताकि योजना का संचालन व्यवस्थित तरीके से हो सके।

मंत्री ने क्या कहा?

हरियाणा के जनस्वास्थ्य विभाग के मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश में पानी की कोई कमी नहीं है, लेकिन बेहतर प्रबंधन की जरूरत है। उन्होंने बताया कि पंचायतों की भागीदारी से जल व्यवस्था और मजबूत होगी तथा गांवों में समस्याओं का समाधान तेजी से किया जा सकेगा। वहीं सरपंचों ने भी सरकार की इस पहल का स्वागत किया है, हालांकि उन्होंने पुराने पाइप बदलने और लीकेज रोकने के लिए अतिरिक्त बजट की मांग की है।