Haryana News: हरियाणा CM की थाली में घेवर क्यों नहीं था? सामने आई चौंकाने वाली वजह

हरियाणा के पलवल में डबचिक पर्यटन स्थल पर उस वक्त हलचल मच गई जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उनकी पत्नी के लिए मंगाए गए घेवर की पैकेजिंग और ताजगी को लेकर सवाल उठे।

Haryana News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 9, 2026

Haryana News: हरियाणा की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक दिलचस्प वाकया चर्चा का विषय बना हुआ है। हाल ही में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उनकी पत्नी सुमन सैनी के लिए परोसी जाने वाली पारंपरिक मिठाई ‘घेवर’ को अचानक मेनू से हटा दिया गया था। सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में इसको लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। अब इस मामले की पूरी और असल वजह सामने आ चुकी है, जिसने सभी का ध्यान खींचा है। आइए जानते हैं कि आखिर किस वजह से सीएम की थाली से घेवर को हटाया गया और इसके पीछे क्या-क्या बातें सामने आईं।

Haryana News: कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में दाखिले को लेकर चर्चा में JJP नेता, MA का फॉर्म भरा

क्या था पूरा घटनाक्रम और डबचिक का दौरा?

घटना हरियाणा के पलवल जिले में स्थित प्रसिद्ध डबचिक पर्यटन स्थल की है। तय कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंगलवार शाम अपनी पत्नी सुमन सैनी के साथ वृंदावन जा रहे थे। इस दौरान वे रास्ते में नेशनल हाईवे पर स्थित डबचिक पर्यटन स्थल पर कुछ समय के लिए विश्राम करने रुके थे।

स्थानीय नेताओं का स्वागत: मुख्यमंत्री के इस दौरे पर उनके साथ भाजपा महिला प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता भी मौजूद थीं। इसके अलावा होडल के भाजपा विधायक हरेंद्र राम रतन और पलवल के पूर्व विधायक व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक मंगला समेत कई स्थानीय नेताओं ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया।

घेवर मंगवाने की बात: मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य अतिथियों के सत्कार के लिए स्थानीय स्तर पर एक मशहूर मिठाई विक्रेता से घेवर मंगवाया गया था, ताकि मेहमानों को पारंपरिक मिठाई परोसी जा सके।

पैकेजिंग, ताजगी और लेबलिंग पर उठे सवाल

भोजन परोसने से ठीक पहले सुरक्षा और प्रोटोकॉल के तहत स्वास्थ्य विभाग की एक दो सदस्यीय टीम वहां मौजूद खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच कर रही थी। इसी प्रक्रिया के दौरान जब घेवर के डिब्बों की जांच की गई, तो उसकी पैकेजिंग, लेबलिंग और निर्माण तिथि को लेकर कुछ सवाल खड़े हुए।

दुकानदार का बयान: शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब अधिकारियों ने दुकानदार से घेवर की ताजगी और उसकी उपयोग की समय-सीमा के बारे में पूछा, तो कथित तौर पर दुकानदार का कहना था कि इस प्रकार के ताजे घेवर को बनने के कुछ ही घंटों के भीतर खा लेना बेहतर होता है।

सावधानी के तौर पर रोका: ऐहतियात बरतते हुए और खाद्य सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने उस घेवर को मुख्यमंत्री की मुख्य थाली में परोसने से रोक दिया।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी का स्पष्टीकरण और स्वास्थ्य संबंधी वजह

इस मामले के तूल पकड़ने के बाद पलवल के खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजेश वर्मा ने मीडिया के सामने आकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की। उन्होंने पैकेजिंग या एक्सपायरी को लेकर आ रही खबरों को दूसरा मोड़ देते हुए एक अहम कारण बताया:

डायबिटीज (मधुमेह) के कारण हटा मेनू से: डॉ. राजेश वर्मा ने स्पष्ट किया कि घेवर की तारीख या क्वालिटी को लेकर कोई बड़ी समस्या नहीं थी। असल वजह यह थी कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को डायबिटीज (मधुमेह) की समस्या है, और मुख्यमंत्री कार्यालय (चंडीगढ़) से प्राप्त तय स्वास्थ्य मेन्यू के नियमों के अनुसार ही उन्हें भोजन परोसा जाता है। इसी स्वास्थ्यगत कारणों के चलते घेवर को मुख्यमंत्री के मेन्यू से हटाया गया था।

प्रशासन की सख्ती: डीसी के निर्देश पर लिए गए सैंपल

घटना के तुरंत बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पलवल के उपायुक्त (DC) डॉ. जयेन्द्र कुमार छिल्लर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संबंधित मिठाई विक्रेता की दुकान से तुरंत मिठाइयों के सैंपल एकत्र करें।

इसके साथ ही त्योहारी सीजन और आम जनता के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए डीसी ने पूरे जिले की अन्य मिठाई की दुकानों से भी सैंपलिंग करने और गुणवत्ता की जांच करने के सख्त आदेश जारी किए, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी।

Haryana News: कांवड़ यात्रा में दिखा CM सैनी का रूप! प्रतिमा कंधे पर लेकर निकला कांवड़िया