Haryana News: हरियाणा के शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छोटे बच्चों के लिए इस बार गर्मियों की छुट्टियों को बेहद खास और रचनात्मक बनाने की तैयारी की है। अमूमन छुट्टियों का मतलब बच्चों के लिए भारी-भरकम होमवर्क और किताबों का बोझ होता है, लेकिन इस बार हरियाणा सरकार ने इस पुरानी परंपरा को बदलते हुए एक विशेष ‘लर्निंग पैकेट’ (Learning Packet) तैयार किया है। इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को किताबी ज्ञान और रटने की प्रवृत्ति से दूर रखकर व्यावहारिक और अनुभव आधारित शिक्षा से जोड़ना है।
Haryana News: अनिल विज का राहुल गांधी पर तंज, बोले- मोदी जी देश के लिए विदेश जाते हैं
बाल वाटिका से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को मिलेगा लाभ
शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किया गया यह विशेष लर्निंग पैकेट प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें बाल वाटिका (कक्षा-3) से लेकर कक्षा 5वीं तक के नौनिहालों को शामिल किया गया है। विभाग का मानना है कि छुट्टियां केवल स्कूल से कुछ दिनों का ब्रेक नहीं हैं, बल्कि यह बच्चों के लिए अपने परिवार को करीब से जानने, नए अनुभव हासिल करने और खेल-खेल में सीखने का एक अनमोल अवसर होती हैं। इसी सकारात्मक और संवेदनशील सोच के साथ सरकारी स्कूलों के अनुभवी शिक्षकों ने इस अवकाश कार्यपुस्तिका (Holiday Workbook) का निर्माण किया है।
किताबी बोझ नहीं, जीवन के अनुभवों से सीखेंगे बच्चे
इस कार्यपुस्तिका को बच्चों की उम्र और उनकी कक्षा के मानसिक स्तर के अनुरूप बेहद रोचक तरीके से डिजाइन किया गया है। इसमें पारंपरिक होमवर्क के बजाय ऐसी गतिविधियां (Activities) शामिल की गई हैं जो बच्चों को उनके सामाजिक और पारिवारिक परिवेश से जोड़ती हैं।
इस लर्निंग पैकेट की मुख्य विशेषताएं और गतिविधियां इस प्रकार हैं:
पारिवारिक मूल्यों का विकास: यह पुस्तिका बच्चों को अपने परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने के लिए प्रेरित करती है। बच्चे अपने दादा-दादी, नाना-नानी के पास बैठेंगे और उनके जीवन के अनुभवों व कहानियों से नैतिक शिक्षा सीखेंगे।
परिवेश और संस्कृति की समझ: इसके जरिए बच्चे अपने रिश्तेदारों से मिलने और सामाजिक रिश्तों को समझने के लिए प्रेरित होंगे। साथ ही, वे हरियाणा की पारंपरिक गर्मियों के मिजाज को करीब से देख पाएंगे।
प्रकृति और खान-पान से जुड़ाव: गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को अपने आसपास के वातावरण और पेड़-पौधों को समझने का मौका मिलेगा। वे गर्मियों के मौसमी फलों का स्वाद चखेंगे और उनके फायदों के बारे में जानेंगे।
अनुभव आधारित शिक्षा: शिक्षा विभाग का मुख्य प्रयास यह है कि बच्चे केवल किताबों में लिखे विषयों को रटें नहीं, बल्कि उन्हें असल जिंदगी में महसूस करें, समझें और खुशी-खुशी ज्ञान अर्जित करें।
पीटीएम (PTM) में अभिभावकों को सौंपे जाएंगे पैकेट और दी जाएगी ट्रेनिंग
इस पूरी योजना को धरातल पर सफल बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने अभिभावकों को भी इस मुहिम से जोड़ा है। ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू होने से ठीक पहले शनिवार को राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में एक मेगा अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) का आयोजन किया जा रहा है।
इस पीटीएम के दौरान शिक्षकों द्वारा सभी माता-पिता को यह लर्निंग पैकेट सीधे उनके हाथों में सौंपा जाएगा। इसके साथ ही, विभाग के डिजिटल टूल ‘निपुण हरियाणा पेरेंट ऐप’ (Nipun Haryana Parent App) के उपयोग के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जाएगी। बैठक में शिक्षक अभिभावकों को कुछ गतिविधियों के लाइव उदाहरण करके समझाएंगे, ताकि माता-पिता घर पर रहकर बच्चों को इन गतिविधियों को पूरा करने में सही तरीके से मार्गदर्शन और सहयोग दे सकें।










