Haryana News: हरियाणा में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा प्रशासनिक कामकाज में कसावट लाने के उद्देश्य से सरकार ने पुलिस महकमे में एक बार फिर बड़ा फेरबदल किया है। राज्य सरकार ने तुरंत प्रभाव से हरियाणा पुलिस सेवा (HPS) के 12 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
प्रदेश के राज्यपाल की औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल (IAS) के हस्ताक्षर के साथ इस संबंध में विस्तृत सूची जारी की गई है। सरकार के इस कदम के बाद कई जिलों के पुलिस कप्तानों के कार्यालयों में नए चेहरों की तैनाती की जा रही है, जिससे राज्य की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
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24 घंटे के भीतर दूसरी बड़ी प्रशासनिक सर्जरी
चौंकाने वाली बात यह है कि हरियाणा पुलिस प्रशासन में पिछले 24 घंटे के भीतर यह दूसरा बड़ा फेरबदल है। पुलिस महकमे में लगातार दो दिनों से चल रही इस ‘तबादला एक्सप्रेस’ ने अधिकारियों के बीच हलचल तेज कर दी है। सरकार ने जिलों में फील्डिंग को मजबूत करने और अपराध पर लगाम लगाने के लिए उन अधिकारियों को कमान सौंपी है, जो फील्ड में बेहतर परिणाम दे सकते हैं।
इस ताजा तबादला सूची में मुख्य रूप से कई संवेदनशील और वीआईपी जिलों के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) और सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) स्तर के अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी सीधे तौर पर जमीनी स्तर पर कानून व्यवस्था बनाए रखने की होती है, इसलिए इन पदों पर बदलाव को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एक दिन पहले ही हुआ था 15 HPS अधिकारियों का ट्रांसफर
इस 12 अधिकारियों की सूची से ठीक एक दिन पहले, यानी शुक्रवार को भी हरियाणा सरकार ने पुलिस बेड़े में एक बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की थी। उस दौरान सरकार ने तुरंत प्रभाव से 15 हरियाणा पुलिस सेवा (HPS) अधिकारियों के तबादले और नई तैनाती के आदेश जारी किए थे।
शुक्रवार को जारी उन आदेशों को भी गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने ही अमलीजामा पहनाया था। उस सूची में भी राज्य के कई महत्वपूर्ण और औद्योगिक रूप से विकसित जिलों के डीएसपी (DSP) और एसीपी (ACP) स्तर के अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए थे। लगातार दो दिनों में कुल 27 पुलिस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदलने के इस फैसले को मुख्यमंत्री के प्रशासनिक स्तर पर बड़े सुधारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
प्रशासनिक कसावट और जनता को राहत देने की कोशिश
आधिकारिक सूत्रों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के ताबड़तोड़ तबादलों के पीछे सरकार की मंशा स्थानीय स्तर पर पुलिसिंग को और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। कई अधिकारी एक ही स्थान पर लंबे समय से तैनात थे, जिससे प्रशासनिक कार्यों में शिथिलता आने की शिकायतें मिल रही थीं।
अब नए अधिकारियों की तैनाती से न केवल पुलिस महकमे में एक नई ऊर्जा का संचार होगा, बल्कि आम जनता की शिकायतों का निपटारा भी तेजी से हो सकेगा। इसके साथ ही, जिलों में बढ़ रहे अपराध ग्राफ को नीचे लाने और अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए भी यह प्रशासनिक फेरबदल बेहद कारगर साबित हो सकता है। आने वाले दिनों में कुछ और विभागों में भी इसी तरह के कड़े और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।










