Haryana News: हरियाणा सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बड़ा और जनहितैषी निर्णय लिया है। राज्य के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने हाल ही में घोषणा की है कि ‘सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना’ के नियमों में बदलाव किया गया है, जिससे अब आम नागरिकों के लिए सोलर पैनल लगवाना और भी सरल हो गया है। इस बदलाव से राज्य के अधिक से अधिक घरेलू उपभोक्ता रूफ-टॉप सौर संयंत्र लगाने के लिए प्रोत्साहित होंगे और वित्तीय सहायता का लाभ उठा सकेंगे।
Haryana News: अग्निवीरों के लिए हरियाणा सरकार का ऐतिहासिक कदम, आरक्षण का ऐलान
हरियाणा सोलर योजना के नियमों में बड़ा बदलाव
इस योजना के तहत सबसे महत्वपूर्ण बदलाव ‘तीन वर्ष के बिजली बिल भुगतान’ की शर्त को हटाना है। पहले, उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ लेने के लिए यह साबित करना होता था कि उन्होंने पिछले तीन वर्षों तक लगातार समय पर बिजली के बिल भरे हैं। यह एक कठिन प्रक्रिया थी जो कई पात्र उपभोक्ताओं को लाभ लेने से रोकती थी। अब सरकार ने इस बाध्यता को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। नई व्यवस्था के अनुसार, आवेदन करने वाले उपभोक्ता का केवल ‘तत्काल पूर्ववर्ती बिलिंग चक्र’ में गैर-बकायेदार (Non-defaulter) होना ही पर्याप्त माना जाएगा। इस सरलीकरण से उन लोगों को भी सोलर पैनल लगाने का मौका मिलेगा, जो बिजली बिलों की लंबी ट्रैक रिपोर्ट न होने के कारण पहले पात्र नहीं थे।
किन्हें मिलेगा योजना का लाभ?
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट किया कि सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना का लाभ समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँचाने के लिए इसे व्यापक बनाया गया है। योजना के मुख्य लाभार्थियों में निम्नलिखित शामिल हैं:
गैर-बकायेदार उपभोक्ता: वे सभी नागरिक जिन पर बिजली का पिछला बकाया नहीं है।
सरकारी कर्मचारी: राज्य सरकार के नियमित कर्मचारी।
अंत्योदय परिवार: वे परिवार जो समाज के सबसे निचले पायदान पर हैं और जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है।
एचकेआरएन (HKRN) कर्मचारी: रोजगार सुरक्षा वाले निगम कर्मचारी भी इस योजना के दायरे में आएंगे।
अंत्योदय परिवारों के लिए विशेष अतिरिक्त सहायता
सरकार ने गरीब परिवारों को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रावधान किए हैं। परिवार पहचान पत्र (PPP) के आंकड़ों के आधार पर, जिन अंत्योदय परिवारों की वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक है, उन्हें 2 किलोवाट तक के सोलर प्लांट लगाने पर सरकार की तरफ से अतिरिक्त राज्य सहायता (State Subsidy) दी जाएगी।
इसके अलावा, जिन परिवारों की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है, उनके लिए सरकार ने दोहरा लाभ सुनिश्चित किया है। इन्हें केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली 30 हजार रुपये की फिक्स्ड सब्सिडी के साथ-साथ राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी प्राप्त होगी।
ब्याज-मुक्त वित्तीय सहायता
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता केंद्र सरकार की सब्सिडी के अलावा ‘ब्याज-मुक्त वित्तीय सहायता’ का प्रावधान है। इससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और वे आसानी से सोलर पैनल लगाकर अपनी बिजली की जरूरतों को पूरा कर सकेंगे। हरियाणा सरकार का यह कदम न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि बिजली के बिलों में कमी लाकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में भी सहायक सिद्ध होगा।
Haryana News: हरियाणा के डेपुटेशन शिक्षकों को मिली मोहलत, 30 सितंबर तक जारी रहेगी तैनाती










