Haryana News: सरकारी तबादलों में ‘सिफारिश’ खत्म, नई ट्रांसफर पॉलिसी के सख्त नियम लागू

हरियाणा सरकार ने सभी बोर्ड, निगम और सरकारी संगठनों को मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी 2026 अपनाने या उसके अनुसार अपनी तबादला नीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

Haryana News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 9, 2026

Haryana News: हरियाणा सरकार ने सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और निष्पक्षता लाने की दिशा में एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। सरकार ने राज्य के सभी बोर्डों, निगमों और सरकारी संगठनों को नई ‘मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी-2026’ को तत्काल प्रभाव से अपनाने के निर्देश दिए हैं। इस निर्णय का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में मनमर्जी को समाप्त करना और तबादला प्रक्रिया को पूरी तरह से तकनीक-आधारित और मेरिट के आधार पर संचालित करना है।

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क्या है नई मॉडल ट्रांसफर पॉलिसी?

मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी किए गए एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि 25 जून 2026 को अधिसूचित की गई ‘मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी-2026’ अब प्रभावी हो गई है। इसके साथ ही, वर्ष 2025 में लागू की गई पुरानी ट्रांसफर पॉलिसी को निरस्त कर दिया गया है। सरकार ने सभी संबंधित संस्थाओं को निर्देश दिया है कि वे या तो राज्य सरकार की इस नई मॉडल नीति को ज्यों का त्यों लागू करें, या फिर अपनी वर्तमान ट्रांसफर नीतियों की समीक्षा कर उन्हें नई नीति के अनुरूप संशोधित करें।

प्रशासनिक पारदर्शिता और उच्च न्यायालय के निर्देश

अब तक यह देखा गया था कि राज्य के विभिन्न बोर्ड और निगम अपने स्तर पर अलग-अलग तबादला नीतियां संचालित कर रहे थे, जिससे प्रक्रिया में एकरूपता का अभाव था। सरकार ने अपने मानदंडों में किए गए व्यापक संशोधनों और माननीय उच्च न्यायालय द्वारा विभिन्न मामलों में की गई टिप्पणियों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि तबादलों में व्यक्तिगत हस्तक्षेप या मनमर्जी के लिए अब कोई स्थान नहीं होगा।

नीति लागू करने की प्रक्रिया

यदि किसी विशेष बोर्ड या निगम के लिए प्रशासनिक या कानूनी कारणों से इस नीति को हुबहू लागू करना संभव नहीं है, तो उन्हें छूट दी गई है कि वे अपनी स्वतंत्र नीति तैयार कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए अनिवार्य शर्त यह है कि नई नीति के ‘मूल सिद्धांतों’ (Core Principles), दिशा-निर्देशों और उद्देश्य-आधारित मानकों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

सरकार ने संबंधित संस्थाओं को निर्देशित किया है कि इस प्रस्ताव को जल्द से जल्द अपने सक्षम प्राधिकारी या बोर्ड के समक्ष मंजूरी के लिए पेश करें। नीति को मंजूरी मिलने के बाद, इसकी एक प्रति मानव संसाधन विभाग (Human Resource Department) को अनिवार्य रूप से भेजी जाए।

तकनीक और मेरिट पर आधारित व्यवस्था

यह नई पॉलिसी केवल सरकारी विभागों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के किसी भी सरकारी संगठन, बोर्ड या निगम के लिए एक आदर्श मानक के रूप में कार्य करेगी। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य लक्ष्य तबादला प्रणाली को:

पारदर्शी बनाना: पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और सर्वसुलभ होगी।

निष्पक्ष बनाना: इसमें किसी भी प्रकार के अनुचित प्रभाव या पक्षपात की संभावना नहीं रहेगी।

मेरिट-आधारित करना: कर्मचारियों के प्रदर्शन और निर्धारित मानदंडों को प्राथमिकता दी जाएगी।

सरकार का यह निर्णय हरियाणा के सरकारी तंत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने और कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह स्पष्ट संकेत है कि अब सरकारी तंत्र में केवल ‘काम’ और ‘योग्यता’ ही तबादलों का आधार होगी।

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