Haryana News: हरियाणा में राशन डिपो होंगे डिजिटल, 5G मशीन से होगी पूरी निगरानी

हरियाणा सरकार ने राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल बनाने का बड़ा फैसला लिया है, जिसमें 5G मशीन और स्मार्ट तकनीक का इस्तेमाल होगा। लेकिन क्या यह नया सिस्टम वाकई में भ्रष्टाचार खत्म कर पाएगा और गरीबों तक सही राशन पहुंचाने में कितना सफल होगा, जानिए पूरी खबर में विस्तार से।

हरियाणा में राशन डिपो होंगे डिजिटल

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मई 20, 2026

Haryana News: हरियाणा सरकार ने राशन वितरण को नई दिशा देने के लिए नई योजना सोची है, ऐसे में नई व्यवस्था के तहत बीपीएल राशन कार्ड धारकों को समय पर और पूरा राशन मिले, इसके लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी या धांधली को पूरी तरह खत्म किया जा सके। इसके लिए प्रदेश के सभी डिपो पर आधुनिक मशीनें और डिजिटल सिस्टम लागू किए जा रहे हैं।

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डिपो पर लगेंगी नई 5-G OPS मशीन और डिजिटल कांटा

आपको बता दें कि, सरकारी योजना के तहत अब राशन वितरण की प्रक्रिया 5-G OPS मशीन के साथ डिजिटल वजन कांटा लगाया जा रहा है। यह दोनों उपकरण आपस में कनेक्ट रहेंगे, जिससे राशन की सही मात्रा सुनिश्चित की जा सकेगी। अब राशन तभी स्कैन और वितरण प्रक्रिया पूरी होगी जब डिजिटल कांटे पर निर्धारित वजन पूरा होगा। इसके साथ ही POC मशीन में भी बड़ा बदलाव किया गया है, जहां अब फिंगरप्रिंट की जगह आई स्कैनिंग (Eye Scanning) की सुविधा उपलब्ध होगी।

15 जून तक सभी डिपो पर पहुंचेगी नई व्यवस्था

सरकारी जानकारी के अनुसार, यह नई मशीनें 15 जून तक पूरे राज्य के राशन डिपो में स्थापित कर दी जाएंगी। इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और डिपो संचालकों को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है। हरियाणा में वर्तमान में लगभग 9,247 राशन डिपो संचालित हैं, जिनके माध्यम से करीब 40.69 लाख बीपीएल कार्ड धारकों को राशन उपलब्ध कराया जाता है।

नए डिपो खोलने की भी तैयारी

सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि राज्य में 4,000 से अधिक नए राशन डिपो खोले जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि पात्र लाभार्थियों को राशन लेने के लिए अधिक दूरी तय न करनी पड़े। नई योजना के अनुसार, लोगों को उनके घर से लगभग 500 मीटर के दायरे में ही राशन डिपो की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे सुविधा और बढ़ेगी।

पुरानी व्यवस्था में आ रही थीं कई समस्याएं

अब तक उपयोग में लाई जा रही मशीनें 2-G सिस्टम पर आधारित थीं, जिसके कारण नेटवर्क की समस्या अक्सर देखने को मिलती थी। इससे राशन वितरण में देरी होती थी और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता था। इसके अलावा, बुजुर्ग लाभार्थियों के लिए फिंगरप्रिंट पहचान भी एक बड़ी समस्या बन रही थी, क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ उंगलियों के निशान स्पष्ट नहीं रहते थे।

राशन में गड़बड़ी पर लगेगा अंकुश

लोगों की यह भी शिकायत रही है कि कुछ डिपो संचालक कम राशन वितरित करते हैं या पारदर्शिता नहीं रखते। नई डिजिटल प्रणाली के लागू होने के बाद इस तरह की शिकायतों में कमी आने की उम्मीद है। खाद एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने कहा है कि नई तकनीक और डिजिटल वजन प्रणाली से राशन वितरण पूरी तरह पारदर्शी होगा और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर रोक लगेगी।

सरकार का सख्त निगरानी का निर्देश

सरकार ने विभागीय अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि राशन वितरण व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र लाभार्थियों को उनका पूरा अधिकार समय पर और बिना किसी परेशानी के मिल सके।

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