
Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और सुगमता लाने के उद्देश्य से एक बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है। अब प्रदेश के नागरिक केवल एक क्लिक के माध्यम से हरियाणा के पूरे सरकारी स्वास्थ्य नेटवर्क का विवरण अपने मोबाइल पर प्राप्त कर सकेंगे। इस पहल के तहत राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs), उप-स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष (AYUSH) सुविधाओं को एक एकीकृत डिजिटल मैप से जोड़ा जा रहा है।
यह पूरी योजना जियोग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम (GIS) मैपिंग तकनीक पर आधारित है। इसका मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आयुष, तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान जैसे अलग-अलग विभागों के रिकॉर्ड्स को एक ही मंच पर समेकित करना है। वर्तमान में स्वास्थ्य संबंधी आंकड़े और बुनियादी ढांचे की जानकारी विभिन्न विभागीय फाइलों और रिकॉर्ड्स में बिखरी हुई है, जिससे आम जनता और प्रशासकों दोनों को सही समय पर सटीक जानकारी मिलने में कठिनाई होती है। इस नए डिजिटल इंटरफेस के माध्यम से इस बिखरे हुए डेटा को एक संरचित और सुलभ सूचना प्रणाली में बदल दिया जाएगा।
Haryana News: राष्ट्रीय एकता दिवस पर हरियाणा सचिवालय में कार्यक्रम, CM सैनी ने दिलाई एकता
डिजिटल मैपिंग के प्रमुख लाभ और नागरिकों के लिए सुविधाएं

इस नई व्यवस्था के लागू होने से राज्य के नागरिकों को कई प्रत्यक्ष लाभ मिलेंगे। किसी भी स्वास्थ्य केंद्र की सटीक भौगोलिक स्थिति (GPS लोकेशन), भवन और सुविधाओं से जुड़ी तस्वीरें और बुनियादी संस्थागत विवरण तुरंत उपलब्ध होंगे। मरीज या उनके परिजन बिना किसी परेशानी के निकटतम उपलब्ध स्वास्थ्य केंद्र, आयुष क्लिनिक या सरकारी अस्पताल का पता लगा सकेंगे। आम जनता को यह स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा कि किस केंद्र पर कौन सी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
नीति निर्माताओं और स्वास्थ्य प्रशासन के लिए रणनीतिक महत्व

नागरिक केंद्रित सुविधाओं के अलावा, यह डिजिटल प्लेटफॉर्म नीति निर्माताओं के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। जी.आई.एस. मैप के जरिए पूरे राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का एक स्पष्ट और पारदर्शी चित्र सामने आएगा। इससे उन क्षेत्रों की पहचान आसानी से की जा सकेगी जहाँ स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है या जहाँ नए अस्पतालों और उपकरणों की तत्काल आवश्यकता है। प्रशासनिक स्तर पर बजट, चिकित्सा उपकरणों और कर्मचारियों का सटीक और संतुलित आवंटन संभव हो सकेगा। स्वास्थ्य, आयुष और चिकित्सा शिक्षा विभाग एक ही डेटाबेस का उपयोग करेंगे, जिससे अंतर-विभागीय समन्वय मजबूत होगा और योजनाओं को लागू करने में देरी नहीं होगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने एक समीक्षा बैठक के दौरान राज्य भर की स्वास्थ्य सुविधाओं के जी.आई.एस. मैपिंग डेटा की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विभागीय आंकड़ों को एक ही प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया जाए और ज्यादा से ज्यादा जानकारी जनता के लिए सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाए।
हरियाणा सरकार का यह कदम राज्य में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने और स्वास्थ्य सेवाओं को हर नागरिक की पहुंच में लाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।











