Haryana News: अब टोल पर नहीं लगेगी लाइन, फास्टैग से अपने आप कटेगा टैक्स

करीब छह महीने के ट्रायल और चार बार तारीख आगे बढ़ने के बाद बसताड़ा टोल प्लाजा पर नई व्यवस्था लागू कर दी गई है।

Haryana News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 26, 2026

Haryana News: हरियाणा के यात्रियों और वाहन चालकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। करनाल स्थित बसताड़ा टोल प्लाजा पर अब लंबी लाइनों और रुकने का झंझट पूरी तरह खत्म हो गया है। करीब छह महीने के कड़े ट्रायल और चार बार की देरी के बाद, आखिरकार गुरुवार दोपहर दो बजे से यहां ‘मल्टी लेन फ्री फ्लो’ (MLFF) सिस्टम को आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत, टोल प्लाजा पर वाहनों को न तो रुकने की जरूरत है और न ही लंबी कतारों में फंसने की।

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क्या है ‘मल्टी लेन फ्री फ्लो’ सिस्टम?

इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत ‘नो वेटिंग, नो स्टॉपिंग’ (No Waiting, No Stopping) है। अब तक टोल प्लाजा पर वाहनों को भुगतान के लिए बूम बैरियर के पास रुकना पड़ता था, जिससे अक्सर जाम की स्थिति पैदा हो जाती थी। अब नई तकनीक के तहत टोल प्लाजा पर न तो कोई बूथ रहेगा और न ही कोई बूम बैरियर। वाहन अपनी सामान्य रफ्तार से टोल प्लाजा से गुजर सकेंगे। वाहनों के गुजरते ही सेंसर तकनीक के जरिए उनका टोल टैक्स अपने आप फास्टैग (FASTag) से कट जाएगा। इससे यात्रियों के बहुमूल्य समय की बचत होगी और ईंधन की खपत भी कम होगी।

छह महीने का लंबा इंतजार और सफल ट्रायल

बसताड़ा टोल पर इस व्यवस्था को लागू करने की राह आसान नहीं थी। पिछले छह महीनों से इसके अलग-अलग ट्रायल चल रहे थे। सुरक्षा और तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए इसकी समय सीमा को चार बार आगे बढ़ाया गया था। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की परियोजना निदेशक आकृति गुप्ता और उनकी टीम ने इस प्रोजेक्ट पर बारीकी से काम किया। अंतिम ट्रायल में किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी या बाधा न मिलने के बाद ही इसे सार्वजनिक रूप से शुरू किया गया। अधिकारियों ने स्वयं टोल प्लाजा पर लगे बूम बैरियर्स को उखाड़कर इस नई व्यवस्था के आगाज की घोषणा की।

यात्रियों को होने वाले लाभ

समय की बचत: टोल प्लाजा पर रुकने की मजबूरी खत्म होने से यात्रियों का समय बचेगा, जो लंबी दूरी की यात्रा में काफी मददगार साबित होगा।

ईंधन की खपत में कमी: वाहनों को बार-बार रोकने और फिर गति पकड़ने (Stop-Start) की प्रक्रिया में अधिक ईंधन खर्च होता है। फ्री-फ्लो सिस्टम से ईंधन की खपत कम होगी, जिससे प्रदूषण भी कम फैलेगा।

विवादों से मुक्ति: अक्सर टोल पर कैश भुगतान या फास्टैग में तकनीकी खामी को लेकर टोल कर्मचारियों और चालकों के बीच विवाद होता रहता था। ऑटोमैटिक सिस्टम लागू होने से मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और विवादों की गुंजाइश भी खत्म हो जाएगी।

यातायात का सुचारू संचालन

अधिकारियों का दावा है कि इस व्यवस्था के लागू होने के बाद पहले दिन से ही यातायात पूरी तरह सुचारू है। टोल प्लाजा पर किसी भी प्रकार का जाम नहीं देखा गया है और वाहन बिना किसी रुकावट के निकल रहे हैं। यह कदम न केवल बसताड़ा टोल प्लाजा के लिए बल्कि भविष्य में अन्य टोल प्लाजाओं के लिए भी एक मॉडल साबित होगा।

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