Haryana News: हरियाणा में ठगों की खैर नहीं! 6 महीने में करीब 4,000 साइबर अपराधी सलाखों के पीछे

हरियाणा ने साइबर अपराध नियंत्रण में देश के सामने एक नई मिसाल कायम की है। साल 2026 के पहले 6 महीनों में हरियाणा पुलिस ने रिकॉर्ड 3,947 साइबर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा है।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 6, 2026

Haryana News: हरियाणा ने साइबर अपराधों पर नियंत्रण और पीड़ितों को राहत दिलाने के मामले में देशभर में मजबूत मिसाल पेश की है। राज्य ने मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल के जरिए साइबर ठगी के मामलों में 31 प्रतिशत धन वापसी सुनिश्चित की है, जबकि राष्ट्रीय औसत केवल 3.85 प्रतिशत है। यानी हरियाणा का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से करीब आठ गुना बेहतर रहा है। वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में राज्य में 3,947 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और 14,000 से अधिक अवैध ऑनलाइन सामग्री हटाई गई।

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मुख्य सचिव ने की साइबर अपराध समीक्षा बैठक

यह जानकारी मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई प्रगति समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र के लिए जरूरी मानव संसाधन की स्वीकृति में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने तकनीक आधारित पुलिसिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित साइबर निगरानी, एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, अभियोजन व्यवस्था और पीड़ित सहायता तंत्र को और मजबूत करने पर जोर दिया।

7,316 मामलों में 2,241 रेस्टोरेशन आदेश

बैठक में बताया गया कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र द्वारा विकसित मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल के तहत हरियाणा ने राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। देशभर में जहां 1,79,203 मामलों में 6,906 रेस्टोरेशन आदेश जारी हुए, वहीं हरियाणा में 7,316 मामलों में 2,241 रेस्टोरेशन आदेश जारी किए गए। इससे साइबर ठगी के शिकार लोगों को बड़ी राहत मिली है।

राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र की क्षमता बढ़ी

पुलिस अधीक्षक साइबर मयंक गुप्ता ने बताया कि पंचकूला में वर्ष 2023 में स्थापित राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र की क्षमताओं का 2026 में विस्तार किया गया है। साइबर धोखाधड़ी शिकायत प्रबंधन, बैंक समन्वय, म्यूल अकाउंट, जांच निगरानी, मोबाइल और यूआरएल ब्लॉकिंग जैसी इकाइयों के साथ अब एआई इंटीग्रेशन सेल, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग यूनिट, ओसीडब्ल्यूसी यूनिट, क्रिएटिव अवेयरनेस यूनिट और सीक्रेट सेल भी स्थापित किए गए हैं।

ई-जीरो एफआईआर से तेज हुई कार्रवाई

25 जून 2026 से हरियाणा में ई-जीरो एफआईआर सुविधा लागू की गई है। इसके तहत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर एक लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी से जुड़ी शिकायतें स्वतः इलेक्ट्रॉनिक जीरो एफआईआर में बदलकर संबंधित साइबर थानों को भेजी जाती हैं। इससे मामलों के पंजीकरण और जांच में तेजी आई है।

नूंह हॉटस्पॉट पर विशेष कार्रवाई

साइबर अपराध के हॉटस्पॉट नूंह में जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर 473 एफआईआर दर्ज कीं और 927 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान 751 मोबाइल फोन और 1,442 सिम कार्ड जब्त किए गए। साथ ही 43,354 मोबाइल नंबर और 5,007 आईएमईआई ब्लॉक कर संगठित साइबर नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया गया।

प्रशिक्षण और जागरूकता पर भी जोर

राज्य में साइबर जांच क्षमता बढ़ाने के लिए 675 पुलिसकर्मी साइबर अपराध जांच में कार्यरत हैं। जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच 9,100 से अधिक पुलिसकर्मियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा, जनवरी से जून 2026 तक 1,322 जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए करीब 3.14 लाख नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी गई। हरियाणा ने अन्य राज्यों से मिले 8,872 अनुरोधों में से 8,625 का निपटान कर 97 प्रतिशत से अधिक दक्षता भी दर्ज की है।

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