Haryana News: मेक्सिको की ऊंची चोटी पर भारत का परचम, नरेंद्र यादव ने किया कमाल

हरियाणा के नरेंद्र यादव ने मेक्सिको की सबसे ऊंची ज्वालामुखीय चोटी पिको डी ओरिजाबा पर तिरंगा फहराकर भारत का नाम रोशन किया। माइनस 20 डिग्री की कठिन परिस्थितियों में यह चढ़ाई आसान नहीं थी, लेकिन क्या यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है या आने वाला है इससे भी बड़ा अभियान?

मेक्सिको की ऊंची चोटी पर भारत का परचम

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जून 1, 2026

Haryana News: हरियाणा के रेवाड़ी जिले के रहने वाले प्रसिद्ध युवा पर्वतारोही नरेंद्र सिंह यादव ने एक और अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल करते हुए देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने मेक्सिको की सबसे ऊंची ज्वालामुखी चोटी पिको डी ओरिजाबा (ऊंचाई 5,636 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की और वहां भारतीय तिरंगा फहराया। यह उपलब्धि उनके लंबे पर्वतारोहण करियर में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है, जिससे भारत का नाम वैश्विक पर्वतारोहण मानचित्र पर और मजबूत हुआ है।

Punjab Haryana High Court: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में नई नियुक्ति, जस्टिस मिश्रा बने मुख्य न्यायाधीश

अंतरराष्ट्रीय अभियान में पर्वतारोही शामिल

यह अभियान एनएसवाई आउटडोर की ओर से आयोजित किया गया था, जिसमें कुल 12 पर्वतारोही विभिन्न देशों से शामिल हुए थे। कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के चलते केवल 7 पर्वतारोही ही शिखर तक पहुंचने में सफल हो सके। इस पूरे अभियान का नेतृत्व भारतीय पर्वतारोही नरेंद्र सिंह यादव ने किया, जिन्होंने टीम को मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान की।

पांच दिन की कठिन यात्रा और सफल समिट

नरेंद्र सिंह यादव 26 मई को भारत से मेक्सिको के लिए रवाना हुए थे। इसके बाद उन्होंने मेक्सिको सिटी, प्यूएबला और बेस कैंप के रास्ते आगे बढ़ते हुए पर्वतारोहण की कठिन प्रक्रिया को पूरा किया। लगभग पांच दिनों तक चले इस अभियान के बाद उन्होंने 30 मई 2026 को सुबह 10:14 बजे पिको डी ओरिजाबा के शिखर पर पहुंचकर तिरंगा फहराया। यह क्षण उनके करियर के लिए बेहद गर्वपूर्ण साबित हुआ।

माइनस 20 डिग्री में कठिन समिट पुश

इस अभियान का सबसे कठिन चरण “समिट पुश” माना गया, जिसमें लगभग 1400 मीटर की खड़ी और जोखिम भरी चढ़ाई करनी पड़ी। इस दौरान मौसम बेहद खराब रहा और तापमान माइनस 15 से लेकर माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। तेज हवाओं और विंडचिल इफेक्ट के कारण परिस्थितियां और भी कठिन हो गईं। इसके साथ ही ऑक्सीजन की कमी और दुर्गम रास्तों ने चुनौती को कई गुना बढ़ा दिया। इसके बावजूद नरेंद्र यादव ने अपनी मजबूत इच्छाशक्ति और अनुभव के बल पर शिखर तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों का असर, अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई; धमतरी में 5 मशीनें जब्त

“सेवन वोल्कैनिक समिट्स प्रोजेक्ट” का हिस्सा

यह पर्वतारोहण अभियान उनके महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट “सेवन वोल्कैनिक समिट्स” का हिस्सा है। इस परियोजना के तहत वे दुनिया के सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची ज्वालामुखीय चोटियों पर चढ़ाई कर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। नरेंद्र सिंह यादव भारत के पहले ऐसे युवा पर्वतारोही हैं जिन्होंने “सेवन समिट्स” यानी सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की है। यह उपलब्धि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान दिलाती है।

माउंट एवरेस्ट पर भी कर चुके हैं दो बार चढ़ाई

नरेंद्र यादव पहले भी दो बार विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह कर चुके हैं। उनका पर्वतारोहण अनुभव उन्हें और अधिक कठिन अभियानों के लिए तैयार करता है।

अगला लक्ष्य: एक्सप्लोरर्स ग्रैंड स्लैम

उनका अगला लक्ष्य “एक्सप्लोरर्स ग्रैंड स्लैम” और “सेवन वोल्कैनिक समिट्स” मिशन को पूरा करना है। इसके लिए वे लगातार तैयारी कर रहे हैं और आने वाले समय में और भी बड़े अभियानों का हिस्सा बन सकते हैं। इस उपलब्धि के साथ नरेंद्र सिंह यादव ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प, साहस और मेहनत से कोई भी ऊंचाई हासिल की जा सकती है।

हिमाचल के मंडी में भाजपा का एकछत्र राज बरकरार, कांग्रेस सिर्फ 4 सीटों पर सिमटी