Haryana News: हरियाणा में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और गतिशील बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए मोहन लाल कौशिक को ‘हरियाणा ब्यूरो ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज’ (HBPE) का नया चेयरमैन (अध्यक्ष) नियुक्त किया है। इस संबंध में राज्य सरकार के वित्त विभाग की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिसके बाद से राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इसकी चर्चा तेज हो गई है।
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कौन हैं मोहन लाल कौशिक और क्या है आधिकारिक आदेश?
नवनियुक्त चेयरमैन मोहन लाल कौशिक मूल रूप से सोनीपत जिले के सेक्टर-15 (मकान नं. 423) के निवासी हैं। हरियाणा के राज्यपाल के आदेशानुसार उन्हें इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता द्वारा इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना (संख्या 16/153/HBPE(FD)SA/88/17003, दिनांक 24 जुलाई 2026) जारी की गई है।
सरकार की तरफ से जारी इन आदेशों में यह स्पष्ट किया गया है कि मोहन लाल कौशिक की यह नियुक्ति 18 अप्रैल 2024 को जारी किए गए पिछले आदेशों का स्थान लेगी। इसके साथ ही सरकार ने यह भी जानकारी दी है कि चेयरमैन के रूप में उनके कार्यकाल और इस पद से जुड़ी अन्य नियम एवं शर्तें (Terms and Conditions) विभाग द्वारा जल्द ही अलग से जारी की जाएंगी।
क्या है ‘हरियाणा ब्यूरो ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज’ (HBPE)?
मोहन लाल कौशिक जिस संस्था के नए चेयरमैन बनाए गए हैं, वह राज्य प्रशासन में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हरियाणा ब्यूरो ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज सीधे तौर पर राज्य सरकार के वित्त विभाग के अंतर्गत कार्य करती है।
इस ब्यूरो का मुख्य उद्देश्य और कार्यक्षेत्र प्रदेश के विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों (Public Sector Undertakings – PSUs), राज्य सरकार के निगमों और बोर्डों के कामकाज पर नजर रखना है। यह संस्था इन सभी सरकारी उपक्रमों की वित्तीय स्थिति, उनके प्रबंधन, कार्यकुशलता और समग्र प्रदर्शन की नियमित समीक्षा तथा निगरानी करती है, ताकि राज्य के सार्वजनिक उपक्रम बेहतर ढंग से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।
प्रशासनिक सुधारों की कड़ी में महत्वपूर्ण नियुक्ति
राजनीतिक और प्रशासनिक विश्लेषकों का मानना है कि मोहन लाल कौशिक जैसे अनुभवी चेहरे को इस प्रतिष्ठित पद की कमान सौंपे जाने से सार्वजनिक उपक्रमों के कामकाज में और अधिक पारदर्शिता और कसावट आएगी। पिछले आदेशों को संशोधित करते हुए यह नई नियुक्ति प्रशासनिक मशीनरी को और अधिक प्रभावी बनाने के सरकार के प्रयासों का हिस्सा है। उम्मीद की जा रही है कि उनके नेतृत्व में HBPE राज्य के निगमों और बोर्डों की कार्यप्रणाली को बेहतर दिशा देने में सफल साबित होगी।










